महाराष्ट्र : तकनीकी और गैर - तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए जुलाई में होगी सीईटी परीक्षा!
महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार बीए, बीकॉम और बीएससी जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईटी) आयोजित करने पर विचार कर रही है।
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महाराष्ट्र में कोरोना के कहर के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रद्द होने के बाद से ही विद्यार्थियों के मन में चिंता थी कि उनका अच्छे कॉलेज में दाखिला कैसे और किस आधार पर होगा? तो बता दें कि उनकी इस चिंता का समाधान निकल गया है।
राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार बीए, बीकॉम और बीएससी जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईटी) आयोजित करने पर विचार कर रही है। उन्होंने शनिवार को पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, चूंकि सीबीएसई, आईसीएसई सहित विभिन्न बोर्डों द्वारा कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी गई है, इसलिए स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीईटी के अंकों पर विचार किए जाने की संभावना है।
तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा जुलाई-अगस्त में
उदय सामंत ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इंजीनियरिंग, फार्मेसी और आर्किटेक्चर जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए, महाराष्ट्र सीईटी जुलाई के अंत या अगस्त के पहले सप्ताह तक होगा। इसकी परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। छात्रों से परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। क्योंकि, उन्होंने पहले ही कक्षा 12वीं के परीक्षा शुल्क का भुगतान कर दिया है।
समिति का गठन किया गया
उन्होंने आगे कहा कि जहां तक गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का सवाल है, उनमें प्रवेश हर साल 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के अंकों के आधार पर होते हैं। चूंकि इस वर्ष 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं, इसलिए इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश एक सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लेने के लिए एक समिति का गठन किया गया है।
गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए निर्णय बाद में
सामंत ने कहा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाराष्ट्र सीईटी सेल और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी समिति का हिस्सा हैं। सरकार अभी भी विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है कि क्या एकल राज्य-स्तरीय सीईटी का आयोजन किया जाए या क्या यह संभाग स्तर पर किया जा सकता या हर विश्वविद्यालय और स्वायत्त कॉलेजों द्वारा अलग-अलग सीईटी का आयोजन किया जाए। सामंत ने कहा, हम फैसला करने से पहले अभिभावकों, छात्रों, प्राध्यापकों और सभी हितधारकों की राय भी लेंगे।
ऑफलाइन कक्षाएं या प्रैक्टिकल संभव नहीं
उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री ने शैक्षणिक वर्ष के बारे में बात करते हुए कहा कि सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन कक्षाओं के साथ जारी रखा जाएगा। सामंत ने कहा कि तीसरी लहर के लिए एहतियात के तौर पर ऑफलाइन कक्षाएं या प्रैक्टिकल संभव नहीं है। सभी कोर्स ऑनलाइन जारी रहेंगे।
सामंत ने कहा कि उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए ऑनलाइन प्रणाली काम कर रही है और इसके लिए संरचना तैयार है। बता दें कि सामंत ने शनिवार को कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे का दौरा किया और संस्थान के विकास कार्यों और चिखली में विस्तारित शैक्षिक परिसर की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, पुणे का भी दौरा किया और चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।
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