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Maharashtra: सरकार मराठी को गंभीरता से बढ़ावा दे, सरकारी वकील भर्ती परीक्षा इस भाषा में भी हो- हाईकोर्ट

Sun, 11 Sep 2022 03:41 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Sun, 11 Sep 2022 03:41 PM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि यह सरकार का सामान्य रुख है कि स्थानीय भाषा (मराठी) को बढ़ावा दें। हम सरकार के रुख की थाह नहीं ले सकते।

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Maha government should implement its policy to promote Marathi language seriously hold exam for prosecutors in
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में सरकारी वकील भर्ती परीक्षा को मराठी में भी आयोजित करने का निर्देश दिया है। निर्देश देते हुए कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को मराठी भाषा को बढ़ावा देने के लिए अपनी नीति को गंभीरता से लागू करना चाहिए। न्यायमूर्ति एस वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति आर एन लड्ढा की खंडपीठ ने प्रताप जाधव की याचिका पर सात सितंबर को आदेश पारित किया, जिसमें लोक अभियोजकों के पदों के लिए परीक्षा केवल अंग्रेजी के बजाय मराठी में भी आयोजित करने की मांग की गई थी। शनिवार को आदेश को जारी कर दिया गया।

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जाधव ने कहा था कि उन्होंने स्कूल से मराठी में पढ़ाई की है और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी और सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालतों के समक्ष कार्यवाही आमतौर पर मराठी भाषा में की जाती है। मराठी एक स्थानीय भाषा है। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि महाराष्ट्र सरकार को इस मुद्दे पर गंभीर होना चाहिए था। सरकार यह नहीं कह सकती कि मजिस्ट्रेट और सिविल जजों की परीक्षा के लिए मराठी भाषा में उत्तर देने के लिए सुविधा को प्रदान किया जा सकता है और लोक अभियोजक की परीक्षा के लिए समान सुविधा प्रदान नहीं की जाएगी। वास्तव में, यह सरकार का सामान्य रुख है कि स्थानीय भाषा (मराठी) को बढ़ावा दें। हम सरकार के रुख की थाह नहीं ले सकते।
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अदालत ने कहा कि परीक्षा 11 सितंबर, 2022 को निर्धारित है और इसलिए इस साल की परीक्षा के लिए आदेश पारित करना संभव नहीं हो सकता है। हालांकि, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लोक अभियोजकों के लिए होने वाली अगली परीक्षा अंग्रेजी के साथ-साथ मराठी भाषा में भी आयोजित की जाएगी। अदालत ने आगे कहा कि उसके आदेश से राज्य की भाषा मराठी को बढ़ावा देने की महाराष्ट्र सरकार की नीति को लागू करने में मदद मिलेगी।
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याचिका में दावा किया गया है कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) मराठी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में निचली अदालतों के चयन के लिए परीक्षा आयोजित करता है। अतिरिक्त सरकारी वकील मोलिना ठाकुर ने अदालत को बताया कि इस साल सरकारी वकील के पदों के लिए 7,700 उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि केवल याचिकाकर्ता ने भाषा पर आपत्ति जताई है और मराठी भाषा में उत्तर पत्रों का आकलन करने के लिए एक परीक्षक मिलना संभव नहीं है।

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