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NCERT Syllabus: तमिलनाडु के स्कूलों में एनसीईआरटी सिलेबस लागू कराने की मांग को मद्रास हाईकोर्ट ने खारिज किया
Wed, 23 Feb 2022 08:02 PM IST
सुभाष कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Wed, 23 Feb 2022 08:02 PM IST
सार
याचिका को शुरुआती समय में ही खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि स्कूलों के सिलेबस पर फैसला करने का अधिकार राज्य सरकार का है न कि कोर्ट का।
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Madras High Court
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें तमिलनाडु सरकार को राज्य के शिक्षा और बोर्ड स्कूलों में एनसीईआरटी पैटर्न को लागू करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। न्यायमूर्ति एमएन भंडारी और न्यायमूर्ति डी भरत चक्रवर्ती की पीठ ने याचिका को खारिज किया। यह याचिका जेए जोसेफ नाम के व्यक्ति की ओर से दायर की गई थी। वह खुद को जेजे पार्टी का संस्थापक बताते हैं। इस पार्टी को अब तक निर्वाचन आयोग से मान्यता नहीं मिली है।
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जनहित याचिका में यह अनुरोध किया गया था कि कोर्ट राज्य शैक्षिक प्राधिकरण को यह निर्देश दिया जाए की अन्य राज्यों की भांति तमिलनाडु में भी प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक सरकारी और सरकार द्वारा वित्त पोषित स्कूलों में एनसीईआरटी सिलेबस को लागू किया जाए। इसके पीछे का मकसद छात्रों को सभी केंद्रीय और अन्य राज्य सरकारों की प्रवेश, योग्यता और रोजगार परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। याचिका में कहा गया है कि वर्तमान में समचीर कालवी व्यवस्था छात्रों को आईआईटी-जेईई, क्लैट जैसी परीक्षाओं में सफल होने में मदद नहीं कर पा रही है।
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याचिका को शुरुआती समय में ही खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि स्कूलों के सिलेबस पर फैसला करने का अधिकार राज्य सरकार का है न कि कोर्ट का। याचिकाकर्ता जो एक पार्टी के अध्यक्ष हैं जिसे अभी मान्यता नहीं मिली है, उन्होंने ऐसे किसी कानून का जिक्र नहीं किया है, जिसके अनुसार राज्य के स्कूलों में केवल एनसीईआरटी के सिलेबस को ही लागू करने की बात की गई हो।
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