एमपी बोर्ड: मूल्यांकन नीति तैयार, कक्षा 10वीं के आधार पर जारी किया जाएगा 12वीं का परिणाम, पढ़िए डिटेल्स
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (एमपीबीएसई) ने कक्षा बारहवीं का परिणाम कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के आधार पर तैयार करने का निर्णय लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (एमपीबीएसई) ने कक्षा बारहवीं का परिणाम जारी करने के लिए मूल्यांकन नीति तैयार कर लिया है। आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक कक्षा 10वीं के सभी विषयों में से सबसे ज्यादा अंक वाले पांच विषयों के आधार पर कक्षा 12वीं का परिणाम घोषित किया जाएगा। मध्य प्रदेश बोर्ड ने अंकों से असंतुष्ट छात्रों को लिखित परीक्षा देने का भी विकल्प दिया है।
सीएम श्री @ChouhanShivraj ने कहा है कि कक्षा 12वीं के अंकों का निर्धारण कक्षा 10वीं के विभिन्न विषयों में प्राप्त अंकों को बेस्ट ऑफ फाइव के आधार पर किया जाए। विद्यार्थी परिणाम सुधारना चाहते हैं तो वे परीक्षा देकर परिणाम सुधार सकते हैं। प्रदेश में एक जुलाई से स्कूल नहीं खुलेंगे। pic.twitter.com/m4aPEghNM4
— School Education Department, MP (@schooledump) June 28, 2021विज्ञापन
12 बैठकों के बाद तैयार हुई मूल्यांकन नीति
गौरतलब है कि मंत्रियों के समूह (जीओएम) और अधिकारियों की समिति के बीच कई बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया है। 12 बैठकों के बाद कक्षा 12वीं के परिणाम का फॉर्मूला तैयार किया गया है। बता दें कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए पहले ही कक्षा बारहवीं की परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
इन विकल्पों पर किया गया विचार
पहले कक्षा दसवीं, ग्यारहवीं और कक्षा बारहवीं के अर्ध-वार्षिक परीक्षाओं के अंकों के आधार पर कक्षा 12वीं के अंकों की गणना के लिए एक सूत्र तैयार किया गया था, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। समिति ने यह भी सुझाव दिया कि कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करते समय कक्षा 11वीं के अंकों पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। कक्षा 10वीं और 12वीं की अर्धवार्षिक परीक्षा के अंकों के आधार पर ही परिणाम तैयार किया जाना चाहिए।
कक्षा नौवीं से लेकर बारहवीं के लिए खुल सकते हैं स्कूल
इस बीच, यह उम्मीद की जा रही है कि मप्र सरकार जुलाई से नियमित कक्षाओं के साथ स्कूल खोल सकती है क्योंकि संक्रमण के ताजा मामले घट गए हैं। सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग योजनाओं पर चर्चा हो रही है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को एक दिन छोड़कर हफ्ते में तीन से चार दिन स्कूलों में उपस्थित होने के लिए कहा जा सकता है।
विद्यालयों का ऑफलाइन शुरू करने से पहले होगा टीकाकरण
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो जाएंगी। हालांकि, अभी कक्षाएं ऑनलाइन मोड में ही जारी रहेंगी। छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप की मदद से वर्कशीट उपलब्ध कराई जाएगी। सूत्रों के अनुसार उच्च कक्षा के छात्रों को एक दिन छोड़कर विद्यालय आने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों को फिर से खोलने और ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने से पहले स्कूलों के फैकल्टी और स्टाफ का टीकाकरण कराना होगा।
कमेंट
कमेंट X