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उत्तर प्रदेश से बैंकॉक तक का सफर, ऐसे मिली यंग रिसर्च स्कॉलरशिप
Mon, 05 Aug 2019 02:16 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Mon, 05 Aug 2019 02:16 PM IST
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एमएमएमयूटी के अनिकेत
- फोटो : social media
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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के छात्र अनिकेत राज को एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बैंकॉक में 26-27 जुलाई के दौरान हुए ‘इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी रिसर्च’ में उत्कृष्ट शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए ‘यंग रिसर्च स्कॉलरशिप’ से नवाजा गया है। अनिकेत एमएमएमयूटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र हैं।
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अनिकेत ने अपने शोध पत्र के माध्यम से ऐसे ऊर्जा सेल्स, जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलते हैं, की उन खामियों की पड़ताल की थी, जिनके कारण इनका प्रयोग बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन के लिए नहीं हो पाता। शोध पत्र में एक प्रारूप भी प्रस्तावित किया गया जिसके माध्यम से ऊर्जा सेल्स का बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन के लिए उपयोग कर अन्य स्त्रोतों पर निर्भरता को कम किया जा सकता है।
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बायो प्लास्टिक्स पर शोध के लिए मलेशिया से मिला आमंत्रण
अनिकेत की प्रतिभा से प्रभावित होकर मलेशिया विश्वविद्यालय के सैद्धांतिक अनुसंधान केंद्र की डॉ. विघ्नेश्वरी सेवाकुमार ने उन्हें बायो प्लास्टिक्स पर शोध के लिए आमंत्रित किया है। अनिकेत ने पिछले वर्ष आईआईटी बीएचयू के सहायक आचार्य डॉ. मनीष कुमार के निर्देशन में इंटर्नशिप करने के दौरान फ्यूल सेल्स पर काम करना शुरू किया था। अनिकेत ने कुलपति प्रो. एसएन सिंह, शिक्षक डॉ प्रभाकर तिवारी एवं माता-पिता के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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