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Lal Bahadur Shastri: नदी तैरकर पढ़ाई, कार के लिए लिया लोन, जानें पूर्व पीएम शास्त्री जी के बारे में खास बातें

Sun, 02 Oct 2022 06:24 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Sun, 02 Oct 2022 06:24 PM IST
सार

लाल बहादुर शास्त्री का बचपन काफी कठिनाइयों में गुजरा था। उनका जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था।

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Lal Bahadur Shastri Jayanti know some important facts about him on his Birthday
लाल बहादुर शास्त्री जयंती - फोटो : Social Media

विस्तार

आज दो अक्तूबर, 2022 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के रूप में मनाता है। आज उनकी 118वीं जयंती मनाई जा रही है। लाल बहादुर शास्त्री का पूरा जीवन ही दुनिया के लिए प्रेरणा है। जीवन के शुरुआती दिनों में संघर्ष से लेकर प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचने तक उनके जीवन की कहानी आज भी दुनिया को प्रेरित करती है। अपनी असाधारण प्रतिभा के बल पर उन्होंने देश के शक्तिशाली विकास में अहम भूमिका निभाई थी। आइए जानते हैं गुदड़ी के लाल कहे जाने वाले लाल बहादुर शास्त्री के बारे में कुछ खास बातें....

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बचपन में तैरकर जाते थे पढ़ाई करने
लाल बहादुर शास्त्री का बचपन काफी कठिनाइयों में गुजरा था। उनका जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता की मृत्यू काफी जल्दी ही हो गई थी। जब उन्हें स्कूल में दाखिला मिला तो उनका स्कूल गंगा नदी के उस पार था। शास्त्री जी के पास में नाव का किराया देने तक का पैसा नहीं होता था। वह अपनी किताबों को सर पर बांध कर गंगा नदी पार कर पढ़ने जाते थे और फिर नदी को पार कर के वापस आते थे।

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काशी विद्यापीठ से मिली शास्त्री की उपाधि
लाल बहादुर शास्त्री की माता का नाम रामदुलारी देवी और पिता का नाम शारदा प्रसाद श्रीवास्तव था। जातिवाद के विरोधी होने के कारण उन्होंने अपना सरनेम हटा लिया था। उन्हें काशी विद्यापीठ से स्नातक होने के बाद शास्त्री की उपाधि दी गई थी। 

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1964 में बने प्रधानमंत्री
देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मृत्यू के बाद 09 जून 1964 को लाल बहादुर शास्त्री देश के पीएम बने थे। इससे पहले वह रेल मंत्री, परिवहन और संचार मंत्री, वाणिज्य और उद्योग मंत्री, गृह मंत्री भी रह चुके थे। 11 जनवरी 1966 तक वह इस पद पर रहे। इस तारीख को उज्बेकिस्तान के ताशकंद में उनकी मृत्यू हो गई थी। उनकी मृत्यू को लेकर आज भी कई विवाद है। 

कार खरीदने के लिए लिया लोन
लाल बहादुर शास्त्री के बारे में एक किस्सा काफी मशहूर है। पीएम रहते हुए उन्हें परिवार के लोगों ने एक कार खरीदने के लिए कहा था। उन्हें फिएट की कार के लिए 12,000 रुपये की जरूरत थी। हालांकि, उनके पास में केवल 7000 रुपये ही थे। इस कार के लिए उन्होंने  पंजाब नेशनल बैंक से 5,000 रुपये का लोन लिया था।  

अपील पर देशवासियों ने छोड़ा एक वक्त का खाना
साल 1965 में अमेरिका ने भारत को गेहूं भेजना बंद करने की धमकी दी थी। उस वक्त भारत गेहूं के उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं था। प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को ये बात चुभ गई। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि हम लोग एक वक्त का भोजन नहीं करेंगे। उससे अमेरिका से आने वाले गेहूं की जरूरत नहीं होगी। शास्त्री की अपील पर उस वक्त लाखों भारतीयों ने एक वक्त खाना खाना छोड़ दिया था।

पाकिस्तान को चटाई धूल
1962 में चीन के साथ भारत का युद्ध हुआ था, जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा था। उस वक्त पाकिस्तान ने इस हार को अपनी आने वाली जीत का संदेश समझा। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया। हालांकि, लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को इस युद्ध में धूल चटा दी थी। 

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