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Kerala: राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने केटीयू सिंडीकेट के प्रस्ताव किए निलंबित, इस्तेमाल कीं कुलाधिपति की शक्तियां

Tue, 28 Feb 2023 12:51 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Tue, 28 Feb 2023 12:51 PM IST
सार

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने चांसलर (कुलाधिपति) के रूप में अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एपीजे अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (KTU) के सिंडिकेट और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को निलंबित कर दिया है

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Kerala Governor Arif Mohammed Khan Exercising his powers as Chancellor, Suspends KTU Syndicate resolutions
आरिफ मोहम्मद खान, राज्यपाल, केरल - फोटो : PTI

विस्तार

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने चांसलर (कुलाधिपति) के रूप में अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एपीजे अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (KTU) के सिंडिकेट और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को निलंबित कर दिया है। ये कथित तौर पर 'अवैध' बताए गए थे और इनका उद्देश्य वाइस चांसलर सिजा थॉमस के कामकाज को कम करना था। थॉमस को राज्यपाल द्वारा पिछले वर्ष नवंबर में नियुक्त किया गया था। 

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एपीजे अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी एक्ट, 2015 के प्रावधानों को लागू करते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, चांसलर के रूप में, विश्वविद्यालय के सिंडिकेट और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को निलंबित कर दिया है। कुलपति ने इन प्रस्तावों से असहमति जताई थी। ये प्रस्ताव कुलपति के कामकाज को कम करने के उद्देश्य से पारित किए गए थे।   

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कुलपति ने एक जनवरी और 17 फरवरी को अपनाए गए प्रस्तावों पर अपनी सहमति नहीं दी थी। इनमें विश्वविद्यालय के 'दिन-प्रतिदिन' कामकाज की निगरानी के लिए एक सिंडिकेट उप-समिति का गठन, एक अन्य उप-समिति के स्थानांतरण की जांच करने के लिए विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और वीसी और चांसलर के बीच सभी पत्राचार के लिए सिंडिकेट को गुप्त रखने का आग्रह आदि ऐसे कुछ विवादास्पद प्रस्ताव थे। कुलपति ने राज्यपाल को उन प्रस्तावों के बारे में सूचित किया था जो उनकी असहमति दर्ज करने के बाद पारित किए गए थे।

 

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कुछ अनियमितताओं के बाद डिग्री प्रमाण-पत्रों को संभालने वाले अकादमिक निदेशक को पद से हटाए जाने के बाद सिंडिकेट नाराज हो गया था। केटीयू अधिनियम की धारा 10 (3) के अनुसार, कुलाधिपति को विश्वविद्यालय निकायों के किसी भी प्रस्ताव को संशोधित करने या निलंबित करने का अधिकार है जो विश्वविद्यालय के नियमों के विरुद्ध है। इस बीच, यह पता चला है कि राज्यपाल को कानूनी राय मिली है कि सीजा मई में अपने छह महीने के कार्यकाल की समाप्ति तक कुलपति के रूप में जारी रह सकती हैं क्योंकि उच्च न्यायालय ने कोई विशेष निर्देश नहीं दिया था कि उन्हें पद से हट जाना चाहिए। 

 

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