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Hindi News ›   Education ›   Kerala Education Minister says Kerala Records Lowest School Dropout Rate In India

देश के इस सूबे में है सबसे कम स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की दर

Mon, 18 Jan 2021 01:51 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Mon, 18 Jan 2021 01:51 PM IST
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Kerala Education Minister says Kerala Records Lowest School Dropout Rate In India
विद्यार्थी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

केरल में स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की दर सबसे कम दर्ज की गई है। इस बात की जानकारी शिक्षा मंत्री रवींद्रनाथ ने सोमवार को दी। उन्होंने बताया कि सूबे में 2019-20 में स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की दर सबसे कम 0.11 प्रतिशत दर्ज की गई है। जो कि देश के अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे कम है। उन्होंने कहा कि सूबे ने देश में सबसे कम स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की दर हासिल करने का गौरव प्राप्त किया है।

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शिक्षा मंत्री ने कहा कि सूबे में हायर सेकेंडरी स्कूल ड्राप आउट रेट 0.15 फीसदी है। जबकि, एमएचआरडी के मुताबिक, हायर  सेकेंडरी स्कूल ड्राप आउट का राष्ट्रीय औसत 17.06 फीसदी है।  उन्होंने कहा कि केरल में हम उच्च प्राथमिक ड्रॉपआउट दर को 0.06 प्रतिशत तक लाने में सक्षम हुए थे। केरल विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि सूबे के सरकारी स्कूलों में लगभग 6.79 लाख नए छात्रों ने दाखिला लिया है।
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शिक्षा मंत्री सी.रवींद्रनाथ ने कहा कि यह शैक्षिक प्रणाली के आधुनिकरण और स्कूलों को उच्च तकनीक से लैस बनाने की वजह से संभव हुआ है। हमने केरल के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में हाई-टेक क्लासरूम और हाई-टेक लैब के आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। एमएचआरडी के प्रदर्शन सूचकांक में पिछले दो वर्षों से केरल शीर्ष पर आने में सक्षम रहा है।

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कोरोना वायरस परिदृश्य में शिक्षा के बारे में  बोलते हुए सूबे के शिक्षा मंत्री ने कहा कि पाठ्यक्रम को कम करना कोई हल नहीं है। महत्वपूर्ण है कि पाठ्यक्रम के फोकस क्षेत्रों पर जोर दिया जाए। 

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