Kerala: विकलांग कोटे में शिक्षक नियुक्ति पर विवाद, केरल के शिक्षा मंत्री ने आर्कबिशप से की मुलाकात
Kerala: केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने आर्कबिशप थॉमस थरयिल से शिक्षक नियुक्तियों पर चल रहे विवाद के बीच मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ईसाई प्रबंधन भी एनएसएस की तरह सामान्य वर्ग से नियुक्ति की अनुमति की मांग कर रहे हैं।
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Kerala: केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने शनिवार को सायरो-मलाबार चंगनाश्शेरी आर्चडायसिस के आर्कबिशप थॉमस थरयिल से मुलाकात की। यह बैठक उस समय हुई जब राज्य सरकार और ईसाई चर्च प्रबंधन के बीच सहायता प्राप्त स्कूलों (aided schools) में विकलांग वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है।
शिवनकुट्टी केरल कांग्रेस (मणी) के अध्यक्ष जोस के. मणी के साथ चंगनाश्शेरी में आर्कबिशप के निवास पर पहुंचे। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिवनकुट्टी ने बताया कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी। उन्होंने कहा कि लगभग दो महीने पहले आर्कबिशप थरयिल उनके घर आए थे और सामान्य शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी।
शिवनकुट्टी ने बताया, “इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) प्रबंधन को ऐसे पदों पर नियुक्ति की अनुमति देने का आदेश दिया। शिक्षा विभाग को प्राप्त कानूनी राय के अनुसार यह आदेश केवल NSS के लिए लागू होता है। हालांकि, आर्कबिशप सहित अन्य प्रबंधन ने भी आग्रह किया है कि यह फैसला उन पर भी लागू किया जाए।”
मंत्री ने कहा कि कई सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से मुलाकात कर अपनी याचिकाएं सौंपी हैं। शिवनकुट्टी ने कहा, “मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में पहले ही कहा है कि इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा। इसके लिए 13 अक्तूबर को बैठक बुलाई गई है और उम्मीद है कि तब तक समाधान निकल आएगा।”
हजारों शिक्षकों की समस्या एक सावर्जनिक मुद्दा: आर्कबिशप थरयिल
आर्कबिशप थरयिल ने कहा कि बिना वेतन या दैनिक मजदूरी पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों की समस्या केवल ईसाई प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सार्वजनिक मुद्दा है।
उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार इस मामले पर सकारात्मक रुख दिखा रही है। समाधान खोजने के लिए बैठक बुलाने का निर्णय हमारे लिए बड़ी राहत है और यह हमारी मांग के अनुरूप है।”
आर्कबिशप ने यह भी कहा कि सरकार का रवैया दर्शाता है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने इसे सार्वजनिक चिंता के रूप में माना है और हमें सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है।
जब उनसे केरल कांग्रेस (मणी) की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो थरयिल ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर चर्च का समर्थन किया है। उन्होंने जोस के. मणी सहित नेताओं का धन्यवाद किया जिन्होंने इस विवाद के समाधान के लिए पहल की।
यह विवाद राज्य सरकार के उस निर्णय से जुड़ा है जिसमें सहायता प्राप्त स्कूलों में विकलांग वर्ग के लिए आरक्षित पद खाली रहने पर सामान्य वर्ग से शिक्षक नियुक्ति की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
हालांकि, नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली, जिसमें उन्हें ऐसे मामलों में सामान्य वर्ग से नियुक्ति की अनुमति दी गई। इसी आदेश का हवाला देते हुए अन्य सहायता प्राप्त स्कूल प्रबंधन ने भी सरकार से समान अनुमति मांगी, लेकिन राज्य सरकार ने उनकी मांग ठुकरा दी।
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