{"_id":"5ec2466e2bf6d12b173bc8bc","slug":"karnataka-government-to-take-action-against-schools-conducting-online-classes-for-kindergarden-students","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्नाटक सरकार ने इस वजह से बालवाड़ी स्कूलों को दी चेतावनी, कार्रवाई की तैयारी","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
कर्नाटक सरकार ने इस वजह से बालवाड़ी स्कूलों को दी चेतावनी, कार्रवाई की तैयारी
Mon, 18 May 2020 01:58 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Mon, 18 May 2020 01:58 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
कर्नाटक सरकार किंडरगार्टन (बालवाड़ी) छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में है। शिक्षा विभाग ने बालवाड़ी छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं लेने वाले स्कूलों को चेतावनी दी है। इसके साथ ही, इनके खिलाफ कार्रवाई करने का भी फैसला लिया है। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान जिन भी बालवाड़ी स्कूलों ने एलकेजी और यूकेजी छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया है, सरकार ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। इस बात की जानकारी खुद सूबे के शिक्षा मंत्री ने दी है।
विज्ञापन
कर्नाटक के शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार का कहना है कि किंडरगार्टन स्तर के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने वाले स्कूलों के बारे में कई शिकायतें मिली हैं। शिक्षा मंत्री ने भी इसे लालच बताया है। उन्होंने पूछा है कि ये स्कूल एलकेजी और यूकेजी छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का चयन क्यों कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बालवाड़ी स्कूलों ने लॉकडाउन के दौरान छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किस मकसद से किया है। शिक्षा मंत्री ने साफ कहा कि ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसे भी पढ़ें-CBSE: 10वीं-12वीं की परीक्षा तिथि घोषित, छात्र-छात्राओं का इंतजार हुआ खत्म
एस सुरेश कुमार ने कहा कि मैंने इस मामले पर शिक्षा आयुक्त से बात की है। वह भी इस बात से सहमत हैं कि बालवाड़ी स्कूलों के छोटे विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन सही नहीं है। एलकेजी और यूकेजी छात्रों का ऐसा कोई सिलेबस नहीं है कि उनको कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं दी जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए माता-पिता को लैपटॉप खरीदने पर भी मजबूर नहीं होना चाहिए। अभिभावकों के साथ ही शिक्षकों का भी यह मानना है कि बालवाड़ी स्कूल पैसे कमाने के लिए इस दौरान जबरन छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन कर रहे हैं।
कमेंट
कमेंट X