जेएनयू हॉस्टल की बदहाली: खुले बिजली के बॉक्स, जर्जर दीवारें और डाइनिंग हॉल में रहने को मजबूर छात्र
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ाई का सपना लेकर आने वाले छात्रों को हॉस्टल की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह खुले बिजली के बॉक्स, जर्जर दीवारें और खिड़कियां नजर आ रही हैं, वहीं कुछ छात्रों के रहने के लिए डाइनिंग हॉल में डॉरमेट्री बनाई गई है।
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र माही-मांडवी और ताप्ती जैसे हॉस्टलों में बदतर हालात में रहने को मजबूर हैं। यहां डाइनिंग हॉल को डॉरमेट्री में बदल दिया गया है, जिससे छात्रों को रहने की पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। खुले बिजली के बॉक्स और जर्जर इमारतें छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
इसको लेकर पड़ताल पर आधारित एक रिपोर्टः माही-मांडवी हॉस्टल में डाइनिंग हॉल को डॉरमेट्री बनाया गया है। यहां फोल्डिंग बेड बिछे हैं और किचन के हिस्से में भी बिस्तर लगे हैं। छात्रों ने मच्छरदानी लगाई है और कपड़े सुखाने के लिए तार बांधे हैं। वाटर कूलर खराब है और रोशनी के लिए ट्यूबलाइट गायब हैं। एक छात्र ने हॉस्टल की व्यवस्था पर हैरानी जताई कहा कि जहां रहने की पर्याप्त जगह नहीं है। कमरों में तीन-तीन छात्र फर्श पर गद्दे बिछाकर रहते हैं। गलियारों में कपड़े सूखते हैं और कूड़ेदान भरे पड़े हैं।
ताप्ती हॉस्टल में खुले बिजली के बॉक्स सुरक्षा के लिए खतरा हैं, और गलियारे में दरवाजे का शीशा टूटा है। कुछ दिन पहले ताप्ती हॉस्टल के एक कमरे में पंखा गिरने की घटना भी सामने आई थी। हॉस्टलों की दीवारों से प्लास्टर झड़ रहा है और लोहे के सरिये दिख रही हैं।
| हॉस्टल का नाम | क्षमता |
|---|---|
| ब्रह्मपुत्रा (बॉयज) | 386 |
| चंद्रभागा (बॉयज एंड गर्ल्स) | 204 |
| गंगा (गर्ल्स) | 342 |
| गोदावरी (गर्ल्स) | 344 |
| झेलम (बॉयज) | 307 |
| कावेरी (बॉयज) | 343 |
| कोयना (गर्ल्स) | 544 |
| लोहित (बॉयज एंड गर्ल्स) | 303 |
| माही/मांडवी (बॉयज) | 349 |
| नर्मदा (बॉयज) | 208 |
| पेरियार (बॉयज) | 359 |
| साबरमती (बॉयज एंड गर्ल्स) | 263 |
| शिप्रा (गर्ल्स) | 544 |
| सतलुज (बॉयज) | 341 |
| ताप्ती (बॉयज एंड गर्ल्स) | 386 |
| यमुना (वर्किंग वूमेन) | 191 |
| बराक | 446 |
| महानदी (मेरिड स्टूडेंट) | 86 |
छात्र संघ की सुरक्षा ऑडिट की मांग
जेएनयू छात्र संघ ने सभी हॉस्टलों के व्यापक सुरक्षा ऑडिट की मांग की है। छात्र संघ के महासचिव सुनील यादव ने बताया कि छात्रों को हर सेमेस्टर में 1500-1600 रुपये हॉस्टल शुल्क देना पड़ता है। इसके अलावा, मेस का मासिक बिल 3500-4000 रुपये आता है। कुछ कमरों को खतरनाक होने के कारण बंद कर दिया गया है। इस संबंध में, डीन ऑफ स्टूडेंट्स प्रो. सुधीर प्रताप सिंह ने छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने का आश्वासन दिया है।
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