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जेएनयू: यौन उत्पीड़न के आरोपों पर प्रोफेसर बर्खास्त, आंतरिक समिति की जांच के बाद कार्रवाई

Fri, 09 Oct 2026 04:47 PM IST
आकाश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 09 Oct 2026 04:47 PM IST
सार

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद एक प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। विश्वविद्यालय के आदेश में बताया गया है कि आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया।
 

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JNU Dismisses Professor Over Sexual Harassment Allegations After Internal Committee Inquiry
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, JNU - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद एक प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया है। विश्वविद्यालय की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई आंतरिक समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

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बर्खास्त किए गए प्रोफेसर विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र में कार्यरत थे। आदेश के मुताबिक, उन्हें तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय की सेवाओं से हटाया गया है।

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आंतरिक समिति की जांच के बाद कार्रवाई

विश्वविद्यालय के आदेश में कहा गया है कि प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच आंतरिक समिति ने की थी। समिति ने अपने निष्कर्षों के आधार पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की।


कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित के हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा गया है, "उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए, सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने और आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर, विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्तगी की सजा सुनाई जाती है।"

आदेश में कार्रवाई के लिए सेवा संबंधी नियमों और केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के नियम 11(ix) का उल्लेख किया गया है। विश्वविद्यालय ने इसी प्रावधान के तहत प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का आदेश जारी किया है।

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