फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   jharkhand Education department orders inquiry of school allegedly changed from primary to Urdu high school in

झारखंड: प्राइमरी स्कूल का नाम उर्दू उच्च विद्यालय करने का मामला, शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश

Wed, 20 Jul 2022 04:10 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Wed, 20 Jul 2022 04:10 PM IST
सार

प्राथमिक विद्यालय का नाम कथित तौर पर बदल कर उर्दू उच्च विद्यालय करने के मामले पर भाजपा सासंद सुदर्शन भगत ने शिक्षा विभाग से इसकी जांच कराने की बात कही थी।

विज्ञापन
jharkhand Education department orders inquiry of school allegedly changed from primary to Urdu high school in
स्कूल का नाम बदलने पर विवाद। - फोटो : ANI

विस्तार

झारखंड के लोहदरगा से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का नाम कथित तौर पर बदल कर उर्दू उच्च विद्यालय कर दिया गया है। यह मामला जिले के किस्को प्रखंड का है। वर्ष 1976 में इस विद्यालय से पढ़कर निकले धनेश्वर पांडे नामक व्यक्ति का आरोप है कि जब उन्हें यहां से सर्टिफिकेट दिए गए थे तब उसपर उर्दू विद्यालय का कोई जिक्र नहीं था। हालांकि, अब इस विद्यालय का नाम उर्दू उच्च विद्यालय हो गया है। उन्होंने षडयंत्र का आरोप लगाया है और विद्यालय को पहले की तरह संचालित करने की मांग की है। 

विज्ञापन

जांच के लिए आदेश जारी 
मामले के सामने आने के बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद मामले पर अधिक जानकारी आने की उम्मीद है। लोहदरगा के उपायुक्त डॉ. वाघमेरे प्रसाद कृष्णा ने बताया है कि मामले की जांच के लिए आदेश जारी किए जा चुके हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बीजेपी सांसद ने की थी जांच की मांग
प्राथमिक विद्यालय का नाम कथित तौर पर बदल कर उर्दू उच्च विद्यालय करने के मामले पर भाजपा सासंद सुदर्शन भगत ने शिक्षा विभाग से इसकी जांच कराने की बात कही थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यह सामान्य विद्यालय था। इसलिए शिक्षा विभाग को मामले की जांच करनी चाहिए। जानकारी के मुताबिक स्कूल के पूर्व छात्र रहे धनेश्वर पांडेय ने जिला परिसदन में सांसद को अपनी पांचवीं की डिग्री दिखाई थी। इसमें विद्यालय के नाम के साथ उर्दू शब्द का जिक्र नहीं था। 

विज्ञापन

उर्दू स्कूल की मिली है मान्यता 
जानकारी के मुताबिक राजकीय उत्क्रमित उर्दू उच्च विद्यालय चरहु को जिला शिक्षा विभाग ने उर्दू स्कूल की मान्यता दे रखी है। लोहदरगा जिले के 18 उर्दू स्कूलों की सूची में में इस विद्यालय को भी शामिल किया गया है। हालांकि, विवाद के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने अब मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed