झारखंड: प्राइमरी स्कूल का नाम उर्दू उच्च विद्यालय करने का मामला, शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश
प्राथमिक विद्यालय का नाम कथित तौर पर बदल कर उर्दू उच्च विद्यालय करने के मामले पर भाजपा सासंद सुदर्शन भगत ने शिक्षा विभाग से इसकी जांच कराने की बात कही थी।
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झारखंड के लोहदरगा से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का नाम कथित तौर पर बदल कर उर्दू उच्च विद्यालय कर दिया गया है। यह मामला जिले के किस्को प्रखंड का है। वर्ष 1976 में इस विद्यालय से पढ़कर निकले धनेश्वर पांडे नामक व्यक्ति का आरोप है कि जब उन्हें यहां से सर्टिफिकेट दिए गए थे तब उसपर उर्दू विद्यालय का कोई जिक्र नहीं था। हालांकि, अब इस विद्यालय का नाम उर्दू उच्च विद्यालय हो गया है। उन्होंने षडयंत्र का आरोप लगाया है और विद्यालय को पहले की तरह संचालित करने की मांग की है।
जांच के लिए आदेश जारी
मामले के सामने आने के बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद मामले पर अधिक जानकारी आने की उम्मीद है। लोहदरगा के उपायुक्त डॉ. वाघमेरे प्रसाद कृष्णा ने बताया है कि मामले की जांच के लिए आदेश जारी किए जा चुके हैं।
बीजेपी सांसद ने की थी जांच की मांग
प्राथमिक विद्यालय का नाम कथित तौर पर बदल कर उर्दू उच्च विद्यालय करने के मामले पर भाजपा सासंद सुदर्शन भगत ने शिक्षा विभाग से इसकी जांच कराने की बात कही थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यह सामान्य विद्यालय था। इसलिए शिक्षा विभाग को मामले की जांच करनी चाहिए। जानकारी के मुताबिक स्कूल के पूर्व छात्र रहे धनेश्वर पांडेय ने जिला परिसदन में सांसद को अपनी पांचवीं की डिग्री दिखाई थी। इसमें विद्यालय के नाम के साथ उर्दू शब्द का जिक्र नहीं था।
उर्दू स्कूल की मिली है मान्यता
जानकारी के मुताबिक राजकीय उत्क्रमित उर्दू उच्च विद्यालय चरहु को जिला शिक्षा विभाग ने उर्दू स्कूल की मान्यता दे रखी है। लोहदरगा जिले के 18 उर्दू स्कूलों की सूची में में इस विद्यालय को भी शामिल किया गया है। हालांकि, विवाद के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने अब मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
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