JEE Main 2025: जेईई मेन सत्र-2 के लिए इस तारीख से करें पंजीकरण; आवेदन को लेकर एनटीए ने दी हिदायत, जानें यहां
JEE Main 2025: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 31 जनवरी के से जेईई मेन सेशन-2 के लिए आवेदन स्वीकार करना शुरू करेगा। परीक्षा अप्रैल में आयोजित होगी और नतीजे भी अपैल में घोषित कर दिए जाएंगे।
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JEE Main 2025: जेईई मेन 2025 सत्र-1 के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है और इसी के साथ एनटीए ने सत्र-2 के लिए भी परीक्षा तारीखों की घोषणा कर दी है। सत्र दो के लिए आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी से शुरू होगी। एनटीए जनवरी 2025 में जेईई मेन सत्र 1 परीक्षा 2025 आयोजित करेगा। दी गई तारीखों के अनुसार, जेईई मेन सत्र 1 परीक्षा 22 से 31 जनवरी, 2025 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में तीन घंटे की होगी। शिफ्ट 1 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शिफ्ट 2 दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी।
जेईई मेन 2025 की परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। इसमें सेक्शन बी में अब छात्रों को विकल्प नहीं मिलेंगे। कोरोना के कारण सेक्शन बी में 10 प्रश्न किए गए थे, जिसमें से पांच को हल करना होता था। लेकिन अब सेक्शन बी में हर सब्जेक्ट में सिर्फ पांच ही प्रश्न होंगे और सभी का जवाब देना अनिवार्य रहेगा।
आवेदन को लेकर एनटीए ने दी हिदायत
एनटीए ने छात्रों को आगाह करते हुए कहा है कि आवेदन पत्र केवल एक ही बार भरे जाएंगे। अगर आप दो आवेदन पत्र भरते हैं, तो आवेदन अस्वीकार कर दिए जाएंगे। यदि आवेदन पत्र में कोई गलती रह जाती है, तो आपको सुधार करने का मौका दिया जाएगा। लेकिन दो फॉर्म भरने की भूल बिल्कुल न करें।
जानें क्या है नए टाई-ब्रेकिंग नियम
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब से समान स्कोर वाले उम्मीदवारों को रैंक देते समय उम्मीदवारों की आयु पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, रैंकिंग केवल परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर होगी। यदि उम्मीदवारों का प्रदर्शन समान है, तो उन्हें समान जेईई मेन रैंक दी जाएगी।
समान अंक वाले उम्मीदवारों के बीच बराबरी की स्थिति में, गणित में अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवारों को उच्च रैंक दी जाएगी। यदि गणित में भी अंक समान हैं, तो भौतिकी में उच्च अंक पर विचार किया जाएगा। इसके बाद रसायन विज्ञान में अंक दिए जाएंगे।
यदि उपरोक्त सभी समान पाए जाते हैं, तो परीक्षण में सभी विषयों में सही उत्तरों के लिए किए गए गलत उत्तरों के प्रयास का अनुपात कम होगा। इसके बाद गणित में सही उत्तरों के लिए किए गए गलत उत्तरों के प्रयास का अनुपात कम होगा, उसके बाद भौतिकी और रसायन विज्ञान में। यदि बराबरी फिर भी बनी रहती है, तो उम्मीदवारों को समान रैंक दी जाएगी।
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