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Hindi News ›   Education ›   Jamia Millia Islamia Students protest against Waqf Bill; burnt copies of the legislation

Waqf Amendment Bill: वक्फ बिल के खिलाफ जामिया में छात्रों का विरोध प्रदर्शन; विधेयक की कॉपियां भी जलाईं

Fri, 04 Apr 2025 09:48 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 04 Apr 2025 09:48 PM IST
सार

Jamia Millia Islamia: शुक्रवार को जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। AISA ने विधेयक की निंदा करते हुए इसे "असंवैधानिक और सांप्रदायिक" बताया।
 

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Jamia Millia Islamia Students protest against Waqf Bill; burnt copies of the legislation
जामिया मिलिया इस्लामिया - फोटो : JMI

विस्तार

Jamia Millia Islamia Protest: जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के सामने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) और अन्य छात्र समूहों के नेतृत्व में यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय के गेट 7 के पास किया गया। वक्फ (संशोधन) विधेयक को गुरुवार को लोकसभा ने और शुक्रवार की सुबह राज्यसभा ने लंबी बहस के बाद पारित कर दिया।

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विधेयक को बताया "असंवैधानिक और सांप्रदायिक"

कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विरोध स्थल पर पुलिस तैनात की गई थी, हालांकि हिंसा की कोई घटना नहीं हुई। एक बयान में, AISA ने विधेयक की निंदा करते हुए इसे "असंवैधानिक और सांप्रदायिक" बताया और छात्र असंतोष को दबाने के प्रयास के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की आलोचना की। 

बयान में कहा गया है, "तानाशाही का प्रदर्शन करते हुए, जामिया प्रशासन ने परिसर को बंद कर दिया, सभी गेट बंद कर दिए और छात्रों को अंदर और बाहर जाने से रोक दिया। जब छात्रों ने सवाल उठाया और गेट पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए, तो प्रशासन को दबाव में झुकना पड़ा और गेट खोलने पड़े।"

विरोध प्रदर्शन में छात्रों ने विधेयक के खिलाफ भाषण दिए और सरकार पर वक्फ संपत्तियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। विरोध के तौर पर उन्होंने विधेयक की प्रतियां जलाईं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कैंपस अधिकारियों ने गार्डों को लगातार सीटी बजाने का निर्देश देकर उनके प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश की, जिसे उन्होंने "छात्रों की आवाज दबाने की हताश कोशिश" करार दिया। इसके बावजूद, छात्रों ने अपना प्रतिरोध जारी रखने की कसम खाई। 

AISA के बयान में कहा गया, "सांप्रदायिक और असंवैधानिक विधेयक के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी - पहले से कहीं ज्याद जोरदार, मज़बूत और एकजुट होकर।" 

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