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West Bengal: जेल में बंद माओवादी को लाया गया विश्वविद्यालय परिसर, पीएचडी पाठ्यक्रम में मिला दाखिला
Mon, 15 Jul 2024 09:13 PM IST
आकाश कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: आकाश कुमार
Updated Mon, 15 Jul 2024 09:13 PM IST
सार
Arnab Dam: पश्चिम बंगाल के बर्दवान विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में प्रथम स्थान पर आए जेल में बंद माओवादी नेता अर्नब दाम को सोमवार को परिसर में लाया गया और पाठ्यक्रम में दाखिला दिलाया गया।
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जेल में बंद माओवादी नेता अर्नब दाम
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
West Begal: पश्चिम बंगाल के बर्दवान विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में प्रथम स्थान पर आए जेल में बंद माओवादी नेता अर्नब दाम को सोमवार को परिसर में लाया गया और पाठ्यक्रम में दाखिला दिलाया गया। इस बात की जानकारी एक अधिकारी द्वारा दी गई है।
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2010 में झारग्राम जिले के सिलदाह में ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स कैंप पर हुए हमले में अपनी भूमिका के लिए दाम आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इस हमले में कुल 24 लोग मारे गए थे।
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बर्दवान विश्वविद्यालय के अंतरिम कुलपति गौतम चंद्रा ने कहा, "इतिहास पीएचडी के लिए काउंसलिंग आज शुरू हुई। अर्नब दाम काउंसलिंग सत्र के दौरान मौजूद थे और उन्होंने पीएचडी के लिए दाखिला भी लिया। परिसर में उनकी मौजूदगी के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी। इसलिए मुझे लगता है कि इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है।"
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अंतरिम कुलपति ने पहले सुधार गृह के अधिकारियों को एक मेल भेजा था जिसमें कक्षाओं और परिसर में उन्हें प्रदान की जाने वाली सुरक्षा के बारे में पूछा गया था।
चंद्रा ने कहा कि अर्नब दाम को सप्ताह में दो-तीन दिन कक्षाओं में उपस्थित रहना होगा। सुधार प्रशासन मंत्री अखिल गिरि ने बताया, "हमने उसे हुगली से बर्दवान सुधार गृह में स्थानांतरित कर दिया है। वह सुरक्षा घेरे में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए विश्वविद्यालय परिसर में आ सकता है।"
विश्वविद्यालय ने पिछले सप्ताह अन्य धाराओं में पीएचडी शोधकर्ताओं के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन जेल में बंद व्यक्ति के नामांकन से संबंधित कुछ प्रशासनिक मुद्दों के कारण इतिहास के लिए इसमें देरी हुई।
विश्वविद्यालय अधिकारियों ने रविवार को एक अधिसूचना में कहा कि इतिहास में पीएचडी के लिए काउंसलिंग 15 जुलाई को आयोजित की जाएगी।
अर्नब दाम ने कहा, "मैं विश्वविद्यालय में मेरे पीएचडी के लिए मार्ग प्रशस्त करने के लिए विश्वविद्यालय और राज्य प्रशासन का आभारी हूं।"
कई अन्य मामलों में आरोपी ने 26 जून को बर्दवान विश्वविद्यालय परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित इतिहास में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे।
वह माओवादी नेता किशनजी का कथित करीबी सहयोगी है, जो 2011 में एक मुठभेड़ में मारा गया था और 2010 तक दक्षिण बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में कई हमले और हत्या के मामलों में आरोपी है। उसे 2012 में गिरफ्तार किया गया था।
माओवादी नेता को पीएचडी करने के लिए पैरोल दिए जाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर, एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने कहा कि यह सच नहीं है।
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