JU: जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्र को रैगिंग विरोधी पोस्ट करने पर धमकी, एंटी-रैगिंग कमेटी में शिकायत दर्ज
Jadavpur University: जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र आरोनी घोष ने एंटी-रैगिंग कमेटी में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें फेसबुक पर रैगिंग विरोधी पोस्ट के कारण इंजीनियरिंग छात्रों ने गाली दी और धमकाया। प्रशासन ने जांच कमेटी बनाई और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Jadavpur University: कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) में फिल्म स्टडीज विभाग के एक स्नातकोत्तर छात्र ने विश्वविद्यालय की एंटी-रैगिंग कमेटी में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ इंजीनियरिंग छात्रों ने उन्हें छात्रावास में गाली दी और धमकाया।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता छात्र, आरोनी घोष ने बताया कि मंगलवार शाम वे विश्वविद्यालय के मुख्य छात्रावास में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। तभी दो इंजीनियरिंग छात्रों ने उन्हें गाली देना शुरू कर दिया। इसके बाद तीन-चार और छात्र आ गए और उन्हें घेर लिया।
आरोनी का कहना है कि उन्हें उनके फेसबुक पोस्ट के कारण निशाना बनाया गया, जिसमें उन्होंने रैगिंग के खिलाफ लिखा था। उन्होंने कहा कि उन पर दबाव डाला गया कि वे सोशल मीडिया पर एक नया पोस्ट डालकर माफी मांगें। दबाव में आकर उन्होंने उनके कहे अनुसार एक नया पोस्ट लिखा और सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद ही उन्हें वहां से जाने दिया गया, लेकिन तब भी उन्हें और उनके परिवार को लेकर अपशब्द कहे जाते रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख
विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति भास्कर गुप्ता ने कहा, "हमें इस मामले की शिकायत मिली है और हमने तुरंत जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी।"
क्या है पुराना मामला?
शिकायतकर्ता छात्र का कहना है कि उन्हें धमकाने वाले छात्रों में से एक, अगस्त 2023 में हुए रैगिंग और एक प्रथम वर्ष के छात्र की मौत से जुड़े मामले में आरोपी था, लेकिन अब तक उस पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
9 अगस्त 2023 को जादवपुर विश्वविद्यालय के एक प्रथम वर्ष के बंगाली ऑनर्स छात्र ने कथित रूप से रैगिंग और यौन उत्पीड़न के कारण छात्रावास की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। अगले दिन, 10 अगस्त की सुबह, उसकी मौत हो गई। इस मामले में 12 छात्रों को गिरफ्तार किया गया था।
घटना के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए एक अलग छात्रावास ब्लॉक की व्यवस्था की ताकि रैगिंग की घटनाओं को रोका जा सके।
अब आगे क्या होगा?
एंटी-रैगिंग कमेटी इस मामले की जांच कर रही है। यदि आरोनी घोष के आरोप सही पाए जाते हैं, तो विश्वविद्यालय प्रशासन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। यह घटना एक बार फिर जादवपुर विश्वविद्यालय में रैगिंग को लेकर बहस छेड़ रही है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
कमेंट
कमेंट X