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Neet स्कोर कम है, 2025 में दोबारा देना चाहते हैं एग्जाम, तो ये विकल्प दिला सकते हैं इसी साल MBBS में एडमिशन

Tue, 13 Aug 2024 02:29 PM IST
Pushpendra Mishra Media Solution Initiative
Media Solution Initiative Published by: Pushpendra Mishra Updated Tue, 13 Aug 2024 02:29 PM IST
सार

एक साल बर्बाद करने से बेहतर है, विदेश में इसी साल बुक करें MBBS सीट, अधिक जानकारी के लिए आप हमें 1800-571-0202 यहां कॉल करें। 

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It is better than wasting a year, book MBBS seat abroad this year-safalta
MBBS Abroad - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

देश में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 5 मई 2024 को एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस आदि मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए जरूरी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) का आयोजन किया। इस परीक्षा में देशभर से तकरीबन 23.5 लाख छात्रों ने भाग लिया। तमाम व्यवधानों के बाद जारी हुए अंतिम नतीजों में 12.5 लाख छात्रों ने नीट परीक्षा को क्वालीफाई कर लिया है। अब ये छात्र एमसीसी द्वारा अखिल भारतीय काउंसिलिंग और राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्रक्रिया के प्रारंभ होने का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि देश में नीट काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से MBBS, BAMS, BHMS और BDS(सरकारी, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालय) के लिए लगभग 2,25,000 सीटें भरी जाएंगी।

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वे छात्र 2025 में दो दोबारा एग्जाम देने की सोच रहे हैं

इस वर्ष आयोजित हुई नीट परीक्षा में तकरीबन 50 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण नहीं हो सके हैं। उनकी रैंक (सामान्य श्रेणी के लिए 162 से कम और आरक्षित श्रेणी के लिए 127 से कम) है। वे NEET 2025 की तैयारी दोबारा करने की सोच रहे हैं। इसके अलावा, नीट की कोचिंग देने वाली संस्थाओं ने अपना रिवेन्यू बढ़ाने के लिए ऐसे छात्रों को दोबारा नीट परीक्षा के लिए प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया है। हांलांकि ऐसे सभी छात्रों जो भारतीय नीट एग्जाम में सफल नहीं हुए हैं ये स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए कि किस छात्र को नीट दोबारा देने की जरूरत है और किसे नहीं।

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पहले नीट परीक्षा की हकीकत को समझते हैं

बीते 7 वर्षों में प्रति वर्ष एग्जाम देने वाले नीट उम्मीदवारों की संख्या 13 लाख से बढ़कर 24 लाख छात्र हो गई है। इसका मुख्य कारण दोबारा नीट परीक्षा देने वाले हैं। हर वर्ष दोबारा नीट परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या तकरीबन 6 लाख होती है जो कुल छात्रों के अनुपात में 20 से 25 प्रतिशत बैठता है। अब भारत में पिछले 7 सालों में परीक्षा देने वाले छात्र बढ़े 11 लाख। लेकिन एमबीबीएस की सीटों बढ़ीं केवल 40 हजार। ऐसे में नीट एग्जाम देने वाले छात्रों के प्रवेश का अनुपात केवल 4.5 प्रतिशत बना हुआ है। इन 4.5 प्रतिशत यानी( 1 लाख से अधिक ) छात्रों में केवल 2.25 प्रतिशत छात्रों का दाखिला सरकारी कॉलेज में होता है जबकि शेष छात्रों को 80 लाख से अधिक रुपये खर्चने पड़ते हैं।  

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वे छात्र जो यह सोच रहे हैं कि उन्हें 2025 में दोबारा परीक्षा में बैठेंगे

तो उन्हें ये जरूर समझना चाहिए कि तय मेडिकल सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या 2025 में बढ़कर 26 के करीब हो जाएगी। ऐसे में 1.2 लाख MBBS सीटों के लिए 26 लाख छात्र प्रतिस्पर्धा करेंगे। इस प्रतिस्पर्धा से निकलकर क्या आप सरकारी कॉलेज में MBBS सीट पाने में सक्षम हो सकेंगे।

 

किन छात्रों को है नीट एग्जाम दोहराने की जरूरत

नीट दोहराने वाले छात्रों में प्राय: यह देखा गया है कि उनके नीट परीक्षा दोहराने के बाद दूसरे वर्ष आए अंक बीते वर्ष से अधिकतम 100 से अधिक नहीं होते। हर साल बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते जीवन का एक वर्ष बर्बाद करना क्या उचित होगा। हम बताते हैं किसे 2025 में परीक्षा दोबारा देनी चाहिए।

 

1-जिन छात्रों ने 2024 में 500 से अधिक अंक प्राप्त किये हैं और उनके पास बजट भी 50 लाख से कम है तो उन्हें नीट 2025 के लिए तैयार रहना चाहिए।  

2-ऐसे छात्र जिन्होंने अंक तो 400 से अधिक प्राप्त किये हैं लेकिन उनके पास बजट 80 लाख से अधिक है। वह भी दोबारा परीक्षा में बैठ सकते हैं।

क्योंकि अगले वर्ष 50 लाख से कम बजट वाले छात्रों का स्कोर 600 तक पहुंच सकता है। और 80 लाख से कम बजट वाले छात्रों का स्कोर 500 पहुंच सकता है।

3-और जिन छात्रों ने नीट क्वालीफाई ही नहीं कर पाया उन्हें तो जरूर नीट रिपीट करना चाहिए। इसमें आप SAFALTA MOKSH द्वारा पेश किये गए MBBS बैच की मदद ले सकते हैं।

4-य़ा फिर आप BDS, BAMS, BHMS या B.Sc. नर्सिंग का विकल्प चुन सकते हैं।

5-इसी स्कोर पर आपके लिए MBBS का एक विकल्प कजाकिस्तान हो सकता है।

6-यदि आप MCC काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से मार्गदर्शन चाहते हैं, या नीट काउंसलिंग 2024 का विशेष सत्र चाहते हैं य़ा विदेश से MBBS के विकल्पों की तलाश कर रहे हैं तो भारत और विदेश में मेडिकल कॅरिअर प्लानिंग हाटलाइन 1800 571 0202 पर कॉल करें और अपने सपनों के मेडिकल कॅरिअर के लिए समय पर फैसला करें। अपने शहर में MOKSH काउंसलर से मिलने के लिए MBBS ABROAD पर रजिस्टर करें।

कजाकिस्तान में MBBS : अगर आपने 50 प्रतिशत अंकों के साथ बॉयोलॉजी से 12वीं पास की है और आपके पास नीट स्कोर है तो आप डॉक्टर बन सकते हैं। कजाकिस्तान में MBBS के लिए राजधानी अस्ताना के पास स्थित कोक्शेताऊ स्टेट यूनिवर्सिटी प्रोग्राम के एक हिस्से के रूप में NExT कोचिंग प्रदान करती है। यूक्रेन युद्ध के बाद सभी पैरेंट्स अपने बच्चों के लिए कजाकिस्तान की राजधानी के पास वाले विश्वविद्यालयों को चुन रहे हैं। यहां कोक्शेताउ यूनिवर्सिटी पूरी छात्रवृत्ति के साथ NExT बैच दे रहा है।

वहीं कैस्पियन यूनिवर्सिटी NExT कोचिंग के लिए अलग से 2500 यूएस डॉलर की फीस छात्रों से लेता है।

यदि आप भी विदेश में MBBS के लिए शीर्ष रैंक वाले विश्वविद्यालयों की तलाश कर रहे हैं तो सफलता मोक्ष के हॉटलाइन 1800-571-0202 पर कॉल करें। इसके अलावा आप इस लिक Safalta - MOKSH पर क्लिक करके अपने शहर में अप्वाइंटमेंट तय कर सकते हैं।

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