IPU: सीटें भरने के लिए नई योजना, कैट-सीमैट से भी नहीं भरीं तो कराया जाएगा सीईटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में शैक्षिक सत्र 2020-21 में एमबीए कोर्सेज की सीटें खाली नहीं रहेंगी। आईपीयू प्रशासन ने इन सीटों को भरने के लिए इस बार खास तैयारी की है। इस बार तीन तरह की प्रवेश परीक्षाओं से सीटों को भरा जाएगा। सबसे पहले मैनेजमेंट के दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा कैट-2019 की मेरिट के आधार पर दाखिले होंगे। कॉमन एप्टीट्यूट टेस्ट (कैट) इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) की ओर से कराया जाता है। कैट के स्कोर के आधार पर काउंसलिंग प्रक्रिया 24 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है।
ये भी पढ़ें- Study: इस उम्र के लोगों को सबसे ज्यादा हो रहा है कोरोनावायरस, विशेषज्ञों ने दी जानकारी
आईपीयू में एमबीए के चार कोर्सेज मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए), एमबीए (फाइनेंशियल एनालिसिस), एमबीए (इंटरनेशनल बिजनेस), एमबीए (फाइनेंशियल मैनेजमेंट) की पढ़ाई होती है। बीते साल कोर्सेज में काफी सीटें खाली रह गई थीं। दाखिला प्रक्रिया भी देर से शुरू हुई थी। वहीं विद्यार्थियों को पता नहीं चल पाया था कि इनमें दाखिले कैट स्कोर के आधार पर होते हैं।
ऐसे में प्रशासन ने इस बार इन सीटों को भरने के लिए खास रणनीति बनाई है। आईपीयू के कुलपति प्रो. महेश वर्मा के अनुसार, एमबीए कोर्सेज की सीटों को भरने के लिए पहले कैट स्कोर से दाखिले देंगे। फिर भी सीटें नहीं भरतीं, तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर आयोजित होने वाली कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट के स्कोर के आधार पर काउंसलिंग कर दाखिले दिए जाएंगे। इन दोनों प्रवेश परीक्षाओं के बाद भी सीटें नहीं भरतीं तो आईपीयू की ओर से एमबीए के लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (सीईटी) आयोजित कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आईपीयू की ओर से एमबीए में दाखिले के इच्छुक छात्रों के लिए अगस्त में ही सूचना जारी कर दी गई थी कि वे कैट के लिए आवेदन जरूर करें। 24 नवंबर को कैट आयोजित की गई थी।
कमेंट
कमेंट X