IPU: आईपीयू में दाखिले की रेस जनवरी से, द्विवार्षिक प्रवेश योजना के तहत दूसरी बार दाखिला जुलाई में
IPU Admission: आईपीयू में द्विवार्षिक प्रवेश प्रक्रिया योजना के तहत विभिन्न यूजी व पीजी प्रोग्राम में दाखिले की रेस जनवरी से शुरू होगी। दूसरी बार दाखिले जुलाई में होंगे।
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IPU Admission: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में द्विवार्षिक प्रवेश प्रक्रिया योजना (दो बार दाखिला) के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए विभिन्न यूजी व पीजी प्रोग्राम में दाखिले की रेस जनवरी से शुरू होगी। जबकि इस योजना के तहत दूसरी बार दाखिले जुलाई में होंगे।
जनवरी में शुरू होने वाली प्रक्रिया के लिए विवि ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए आईपीयू यूसे संबद्ध संस्थानों व कॉलेजों से सीटों का ब्यौरा मांगा गया है। ब्यौरे के आधार पर ही तय होगा कि पहली बार कितनी सीटों पर दाखिला लिया जा सकेगा।
आईपीयू ने जून में अकादमिक परिषद की बैठक में द्विवार्षिक प्रवेश को लागू करने के प्रस्ताव को सैद्धान्तिक रूप से मंजूरी दी थी। उस समय शैक्षणिक सत्र 2024-25 में विवि ने संबद्ध संस्थानों और कॉलेजों से सीटों का ब्योरा मांगा गया है। ब्यौरे के आधार पर ही तय होगा कि पहली बार कितनी सीटों पर दाखिला लिया जा सकेगा।
कॉलेजों से मांगा गया सीटों का ब्यौरा
आईपीयू ने जून में अकादमिक परिषद की बैठक में द्विवार्षिक प्रवेश को लागू करने के प्रस्ताव को सैद्धान्तिक रूप से मंजूरी दी थी। उस समय शैक्षणिक सत्र 2024-25 में दाखिले के लिए प्रक्रिया जारी थी। अक्तूबर में दाखिला प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब जनवरी की दाखिला प्रक्रिया के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। दाखिले से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सबसे पहले हमने अपने संबद्ध संस्थानों व कॉलेजों से सीटों का ब्यौरा मांगा है। दिसंबर के पहले सप्ताह के अंत तक यह ब्यौरा मिल जाएगा।
41 हजार से अधिक सीटें
ब्यौरे के आधार पर यह तय किया जाएगा कि पहली बार में किस प्रोग्राम की कितनी सीटों पर दाखिला लिया जा सकता है। सीटों की जानकारी प्राप्त हो जाने के बाद उन पर विचार कर प्रॉस्पेक्टस तैयार किया जाएगा। जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा जिससे कि प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जा सके। यह भी देखा जाएगा कि जिन प्रोग्राम की डिमांड ज्यादा है उनके लिए दो बार दाखिला प्रक्रिया शुरू किया जाए या फिर सभी के लिए दो बार दाखिले हों। वर्तमान में आईपीयू की 41 हजार से अधिक सीटें हैं।
अब साल में दो बार होंगे दाखिले
मालूम हो कि द्विार्षिक प्रवेश योजना के तहत साल में दो बार दाखिले होंगे। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय द्वारा पेश किए जाने वाले विभिन्न यूजी और पीजी कार्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों के लिए बेहतर पहुंच और लचीलापन प्रदान करना है।
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