मानव के रक्त और नमक से भविष्य में बैटरी के आविष्कार संभव: प्रो. टंकेश्वर
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मानव रक्त में भी सोडियम, आयरन जैसे तमाम महत्वपूर्ण तत्व होते हैं। इसी तरह नमक में इलेक्ट्रोलाइट होता है। ऐसे में भविष्य में मानव रक्त और नमक से बैटरी के आविष्कार संभव है। आर्टीफेशियल इंटेलीजेंस के जरिये चेहरा पहचान तकनीक भी भविष्य के आविष्कार में मुख्य है। यह बातें शुक्रवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहीं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में उन्होंने विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों के अंतर्गत खोज की आवश्यकता पर बल दिया।
सीसीएसयू के फिजिकल साइंस विभाग की ओर से आयोजित सेमिनार में इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ फिजिक्ल साइंस के अध्यक्ष प्रो. केबी पांडे ने चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए कहा कि विज्ञान की दुनिया में भारत का लोहा पूरा विश्व मान गया है। हमें इससे खुश नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान को किसानों की तरक्की के लिए शोध व आविष्कार करना चाहिए। कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र कुमार तनेजा ने कहा कि गणित के व्यवहारिक ज्ञान के बिना अर्थशास्त्र को समझना मुश्किल है। गणित विज्ञान निसंदेह सभी विज्ञानों से अधिक महत्वपूर्ण है। इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ फिजिकल साइंस के मुख्य सचिव पीएम पांडे ने एकेडमी के रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 400 से अधिक वैज्ञानिक इस एकेडमी के सदस्य हैं। विशिष्ट अतिथि प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने कहा कि भौतिक, रसायन, गणित इस पृथ्वी पर मानव जाति की प्रगति के लिए सामंजस्य से काम करते हैं। प्रो. जयमाला, प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. वंदना ने किया। विभिन्न विभागों में चल रहे तकनीकी सत्रों में पांच देश व बीस से अधिक राज्यों से आए छात्रों ने 100 से अधिक शोध पत्र पढे़।
फेलोशिप पुरस्कार से किया सम्मानित
प्रो. कटेरा बंगलूरू को भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्धियों एवं योगदान के लिए इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ फिजिकल साइंस पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। प्रो. पी पांडे, प्रो. साबू थॉमस को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए पुरस्कृत किया। डॉ. वीरेंद्र गुप्ता बायो केमिस्ट, प्रो. एसएस मिश्रा ऑपरेशन रिसर्च को भी सम्मानित किया।
इस विभागों में चले तकनीकी सत्र
उद्घाटन सत्र के बाद गणित, रसायन, भौतिक, राजनीति विज्ञान, सांख्यिकी और अर्थशास्त्र विभाग में समानांतर दस तकनीकी सत्र चले। फिजिक्स के उद्घाटन सत्र में तीन विशेष व्याख्यान हुए। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एफपी खरे ने छात्रों को नए-नए आविष्कारों के बारे में समझाते हुए नासा से लेकर इसरो तक के बारे में बताया। डीयू के प्रो. आरपी टंडन ने पदार्थों की उत्पत्ति से लेकर आधुनिक तकनीक नैनो पदार्थ तक के बारे में समझाया। एएमयू के प्रोफेसर बीपी सिंह ने उच्च स्तरीय तकनीक पर आधारित यंत्रों जैसे रोबोट द्वारा सर्जरी करना और नैनो मोटर के बारे में बताया। इस मौके पर प्रो. बीके त्यागी पूर्व सदस्य उच्च शिक्षा आयोग, प्रो. देवराज पूर्व विभागाध्यक्ष और चेयरपर्सन प्रो. वीके रस्तोगी मौजूद रहे।
ये रहे मौजूद
आयोजन सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, कार्य परिषद के सदस्य डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा, प्रॉक्टर प्रो. वीरपाल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. जितेंद्र ढाका, प्रो. संजय भारद्वाज, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. शैलेंद्र शर्मा, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. आरके सोनी, प्रो. हरे कृष्णा, डॉ. राकेश गुप्ता, प्रो. भूपेंद्र राणा, डॉ. भूपेंद्र चौधरी, प्रो. बीर सिंह, प्रो. राकेश कुमार, प्रो. गीता श्रीवास्तव, प्रो. दिवाकर पांडे, प्रो. राजेश ढंगवाल, डॉ. सुशील कुमार त्यागी, डॉ. शिवराज, सिंह, प्रो. पीके शर्मा, सविता मित्तल, डॉ. धमेंद्र कुमार, डॉ. विवेक त्यागी, मितेंद्र कुमार गुप्ता, डीपी सिंह, अशोक सोम, प्रवीन पंवार मौजूद रहे।
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