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अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस: गणित के 'गुण' से बदला नर्सिंग का पेशा, भारत आज भी इस नाइटिंगेल का कर्जदार

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Wed, 12 May 2021 12:34 PM IST

सार

फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने गणित की काबिलियत की वजह से लाखों लोगों की जान बचाई है। उन्होंने नर्सिंग के पेशे और अस्पतालों का रंग-रूप ही बदल दिया था। 
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अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस: फ्लोरेंस नाइटिंगेल
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस: फ्लोरेंस नाइटिंगेल - फोटो : सोशल मीडिया

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विस्तार

नोबेल नर्सिंग सेवा की शुरुआत करने वाली ‘फ्लोरेंस नाइटिंगेल’ की कहानी तो आपने जरूर सुनी होगी। उनकी सेवाओं के किस्से भी सुने होंगे। लेकिन क्या आपने गणित की काबिलियत की वजह से लोगों की जान बचाने वाला किस्सा सुना है? हैरान कर देने वाली बात है न। चलिए आज अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस और फ्लोरेंस नाइटिंगेल के 184वें जन्मदिवस के अवसर पर हम आपको गणित की जीनियस, फ्लोरेंस नाइटिंगेल का यही किस्सा बताते हैं। 

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इस वजह से रखा गया फ्लोरेंस नाम
नर्सिंग के पेशे और अस्पतालों का रंग-रूप बदलने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म इटली के फ्लोरेंस शहर में रहने वाले मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। इसलिए उनका नाम फ्लोरेंस रखा गया। सामंती परिवार से संबंध रखने की वजह से नाइटिंगेल और उनकी बहनों को घर पर ही शिक्षा दी जाती थी। नाइटिंगेल गणित के बड़े-बड़े कैलकुलेश को बड़ी ही आसानी से हल कर देती थीं। पहाड़े तो उन्हें मुंह जुबानी याद रहते थे।     
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