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मुसीबत : इस गांव में ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहाड़ की चोटियां चढ़ने को मजबूर हो रहे छात्र
Tue, 08 Jun 2021 10:58 PM IST
देवेश शर्मा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Tue, 08 Jun 2021 10:58 PM IST
सार
इंटरनेट सिग्नल की घरों तक अच्छी पहुंच न होने के कारण छात्रों को कई किलोमीटर की चढ़ाई करके पहाड़ी के ऊपर परीक्षा देने जाना पड़ता है। ताकि उन्हें मोबाइल नेटवर्क बेरोकटोक मिल सके और वे अपनी परीक्षाएं दे सकें।
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मिजोरम
- फोटो : Social media
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विस्तार
देशभर में कोरोना महामारी के कारण बने लॉकडाउन जैसे हालात में स्कूल - कॉलेज समेत तमाम तरह के शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। एक ओर जहां शिक्षा बोर्ड, संस्थानों एवं अधिकतर विश्वविद्यालयों ने अपनी परीक्षाएं रद्द और स्थगित कर दी हैं तो वहीं कुछ संस्थान ऑनलाइन कक्षाएं और परीक्षाओं का आयोजन कर रह हैं। कुछ इसी तरह मिजोरम यूनिवर्सिटी भी ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन स्थानीय छात्रों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है।
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दरअसल, पर्याप्त दूरसंचार सुविधाओं के अभाव में ऑनलाइन परीक्षाओं में भाग लेना किसी पहाड़ को तोड़ने से कम नहीं है। ऐसा ही मामला सामने आया है मिजोरम के एक गांव मवहरेई से, जहां इंटरनेट नेटवर्क की पहुंच नहीं होने के कारण छात्रों को ऑनलाइन परीक्षाएं देने में खासी बाधाओं का सामना करने को मजबूर है। इंटरनेट सिग्नल की घरों तक अच्छी पहुंच न होने के कारण छात्रों को कई किलोमीटर की चढ़ाई करके पहाड़ी के ऊपर परीक्षा देने जाना पड़ता है। ताकि उन्हें मोबाइल नेटवर्क बेरोकटोक मिल सके और वे अपनी परीक्षाएं दे सकें।
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मवहरेई गांव कोई सुदूर सीमावर्ती गांव नहीं बल्कि मिजोरम की राजधानी आइजोल से करीब 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव के छात्रों के पास ऊंची पहाड़ी पर जाकर परीक्षाएं देने का कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। गौरतलब है कि इस गांव के निकटवर्ती क्षेत्र में सिर्फ एक मोबाइल टावर है, जहां से सिग्नल आते हैं। लेकिन इन सिग्नल्स को बेहतर फ्रिक्वेंसी में पाने के लिए गांव के छात्र पहाड़ी की चोटी पर चढ़ते हैं और टावर के पास बैठकर ही परीक्षा देते हैं।
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कोरोन महामारी के कारण मिजोरम विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक पाठ्यक्रमों के छात्रों की ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। परीक्षाओं को देने के बकायदा छात्रों ने पहाड़ की चोटी पर अपने बैठने के लिए केले के पत्तों से अस्थायी ठिकाने भी बना रखे हैं। इनमें बैठकर ही छात्र परीक्षा देते हैं।
जानकारी के अनुसार, यह गांव चारों तरफ घनी पहाड़ियों से घिरा हुआ है और इसकी वजह से वहां पर पर्याप्त मोबाइल सिग्नल नहीं पहुंच पाते हैं। एक जून से शुरू हुई मिजोरम यूनिवर्सिटी ऑनलाइन परीक्षाओं में करीब 24 हजार बच्चे शामिल हो रहे हैं। इनमें मवहरेई गांव से भी 7-8 छात्र हैं जिन्हें ऑनलाइन परीक्षा में बैठने के लिए पहाड़ी की चोटी पर चढ़ना पड़ रहा है। बता दें कि 800 लोगों की आबादी वाले गांव में सिर्फ एक टावर लगा हुआ है।
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