Success Story: भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर डॉ अरुण मजूमदार बनें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल के डीन, इस राज्य से है नाता
Success Story: डॉ अरुण मजूमदार कलकत्ता के रहने वाले हैं। साल 1985 में उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी।
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Success Story: देश को गौरवान्वित करने वाली एक और खबर सामने आई है। भारतीय-अमेरिकी मटेरियल साइंटिस्ट, इंजीनियर और प्रोफेसर डॉ अरुण मजूमदार को अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा शुरू किए गए नए स्कूल का डीन नियुक्त किया गया है। इस स्कूल की स्थापना जलवायु परिवर्तन और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करते हुए की गई है। स्टैनफोर्ड समाचार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार स्टैनफोर्ड डोएर स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी बीते 70 सालों में विश्वविद्यालय का पहला ऐसा स्कूल है जिसका उद्देश्य वैश्विक जलवायु संकट के समाधान में तेजी लाना है। इस स्कूल का उद्घाटन 1 सितंबर, 2022 को किया जाएगा।
Success Story: प्रीकोर्ट इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी के पूर्व निदेशक
समाचार ने आगे जानकारी दी है कि डॉ अरुण मजूमदार आने वाले 15 जून, 2022 को अपना पदभार ग्रहण करेंगे। वह अभी जे प्रीकोर्ट प्रोवोस्टियल चेयर प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और मटेरियल साइंस और इंजीनियरिंग विभागों के एक संकाय सदस्य हैं। इसके अलावा प्रीकोर्ट इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी के सीनियर फेलो और पूर्व निदेशक भी रह चुके हैं।
Success Story: कलकत्ता से है रिश्ता
डॉ अरुण मजूमदार कलकत्ता के रहने वाले हैं। साल 1985 में उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने साल 1989 में बर्कले स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री भी प्राप्त की। मजूमदार को साल 2011-12 के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका में ऊर्जा के अवर सचिव के पद के लिए नामांकित किया गया था। हालांकि, किसी कारणवश इसे वापस ले लिया गया। वाशिंगटन डीसी छोड़ने के बाद मजूमदार ने गूगल में ऊर्जा के उपाध्यक्ष का भी पद संभाला। यहां उन्होंने डेटा, कंप्यूटिंग और बिजली ग्रिड पर प्रौद्योगिकी और व्यवसायों के निर्माण के लिए एक टीम भी बनाई।
Success Story: 2014 में स्टैनफोर्ड से जुड़े
डॉ अरुण मजूमदार साल 2014 में स्टैनफोर्ड से जुड़े थे। यहां वह एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी एनर्जी (ARPA-E) के संस्थापक निदेशक थे। वर्तमान में यहां वह अमेरिकी ऊर्जा सचिव के सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं। डीन का पद मिलने पर उन्होंने कहा कि डीन के रूप में सेवा करने का अवसर पाकर मैं बहुत सम्मानित हूं।
Success Story: सह-विकास के लिए भागीदारी करेंगे
डॉ अरुण मजूमदार ने आगे कहा कि ट्रांजिशन डीन, काम मोलर और स्टीव ग्राहम के असाधारण नेतृत्व पर निर्मित संस्थान में हम न केवल अपने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की बौद्धिक शक्ति का उपयोग करेंगे, बल्कि हम दुनिया भर के बाहरी संगठनों के साथ सह-विकास के लिए भी भागीदारी करेंगे। हम उनके साथ मिलकर शिक्षा के माध्यम से समस्याओं के नवीन समाधान को तलाशने की कोशिश करेंगे। मजूमदार ने आगे कहा- जैसा कि अक्सर कहा जाता है, हमें अपने पूर्वजों से पृथ्वी विरासत में नहीं मिली है, हम इसे अपने बच्चों से उधार लेते हैं। हमें सामूहिक रूप से यह पता लगाना चाहिए कि ऐसे भविष्य का निर्माण कैसे किया जाए जहां मानव और प्रकृति एक साथ पनपे।
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