वकील, प्लीडर, अधिवक्ता, अभिभाषक, एडवोकेट, एडवोकेट जनरल, अटॉर्नी जनरल, लॉयर, लोक अभियोजक या फिर सालिसिटर जैसे नामों को आपने कई बार सुना होगा। इन सबका एक ही अर्थ होता है और वो है वकील या वह शख्स जो अदालत में काला कोट पहनकर न्यायाधीश के सामने किसी की पैरवी करता है।
वकालत का पेशा: देश के सात प्रसिद्ध वकील जो अदालती प्रकरण के लिए लेते हैं सबसे ज्यादा फीस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फली नरीमन
सुप्रसिद्ध वकील फली नरीमन 92 साल के हैं। कानून और न्याय व्यवस्था में योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वे देश के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले वकीलों में शामिल है।
केके वेणुगोपाल
केके वेणुगोपाल की प्रसिद्धि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें भूटान सरकार ने अपने यहां संविधान का मसौदा तैयार करते वक्त परामर्श के लिए बुलाया था। उनकी उम्र 89 साल है।
गोपाल सुब्रमण्यम
63 साल के गोपाल सुब्रमण्यम 2009 से लेकर 2011 तक भारत के सॉलिसिटर जनरल थे। वह बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी रहे हैं। उनकी गणना भी देश के प्रसिद्ध वकीलों में होती है। गोपाल सुब्रमण्यम केस लड़ने के लिए बड़ी रकम फीस के रूप में लेते हैं। ये मामले गंभीरता और उसमें लगने वाली ऊर्जा पर भी निर्भर करता है।
हरीश साल्वे
हरीश साल्वे नौ साल तक भारत के सॉलिसिटर जनरल रहे हैं। उन्होंने रिलायंस, टाटा, आईटीसी और वोडाफोन जैसी कंपनियों के लिए बतौर वकील काम किया है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अदालत में भारत का केस मात्र एक रुपये फीस लेकर लड़ा था। उनकी प्रसिध्दि और सफलता के कारण ही बड़ी कंपनियां तगड़ी फीस चुका कर भी उन्हें अपना वकील बनाती हैं।
कमेंट
कमेंट X