फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

आज खुलेगा पाकिस्तान का करतारपुर कॉरिडोर, जानें इससे जुड़े 10 सवालों के जवाब

Fri, 08 Nov 2019 11:01 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Fri, 08 Nov 2019 11:01 AM IST
विज्ञापन
India Pakistan Kartarpur Corridor important information question answer, Inauguration by PM Modi
करतारपुर गुरुद्वारा साहिब - फोटो : Social Media

भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चित करतारपुर कॉरिडोर आज (9 नवंबर) को खुलने वाला है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच समझौता हो चुका है और कई सांसद, विधायक व मंत्री करतारपुर जाने वाले पहले जत्थे का हिस्सा बनने जा रहे हैं।



पहले जत्थे में पंजाब के विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्रियों में हरसिमरत कौर व हरदीप सिंह पुरी शामिल होंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस पहले जत्थे की अगुवाई करेंगे। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की तरफ से और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तान की तरफ से कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे।

करतारपुर कॉरिडोर पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को करतारपुर स्थित दरबार साहेब से जोड़ेगा। इससे पहले लोगों को वीजा लेकर लाहौर के रास्ते दरबार साहेब जाना पड़ता था, जो एक लंबा रास्ता था।

पिछले साल भारत और पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर की नींव रखी थी। इसे लेकर दोनों देशों के बीच कुछ विवाद भी हुआ और दोनों ने अपनी-अपनी शर्तें सामने रखीं। अंत में दोनों देश एक समझौते पर पहुंच गए, जिसे करतारपुर समझौता के नाम से जाना गया है। पढ़िए करतारपुर साहेब से जुड़े कुछ सामान्य सवालों के जवाब -

India Pakistan Kartarpur Corridor important information question answer, Inauguration by PM Modi
करतारपुर गुरुद्वारा साहिब - फोटो : Social Media

1. करतारपुर कॉरिडोर कब खुल रहा है?

कॉरिडोर 9 नवंबर, 2019 को खुलेगा।

2. क्या करतारपुर कॉरिडोर वीजा मुक्त है?

करतारपुर कॉरिडोर के लिए किसी वीजा की जरूरत नहीं है।

3. यहां जाने की फीस क्या है?

यहां जाने के लिए 20 डॉलर (करीब 1400 रुपये) फीस देनी होगी। जो लोग 9 और 12 नवंबर को जाएंगे उन्हें फीस का भुगतान नहीं करना होगा। 

India Pakistan Kartarpur Corridor important information question answer, Inauguration by PM Modi
करतारपुर गुरुद्वारा साहिब - फोटो : Social Media

4. करतारपुर के लिए 9 और 12 नवंबर को क्यों नहीं लगेगी फीस?

क्योंकि 9 नवंबर को इस कॉरिडोर का उद्घाटन.. यानी पहला दिन है और 12 नवंबर को 550वीं गुरुनानक जयंती है। इस अवसर पर शुल्क से राहत दी गई है।

5. क्या आपको पासपोर्ट ले जाने की जरूरत है?

पहले कहा गया था कि यात्रा के दौरान पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। लेकिन गुरुवार को पाक सेना ने कहा कि यात्रा के दौरान भी पासपोर्ट लाना अनिवार्य होगा।

6. करतारपुर कॉरिडोर को किसने फंड किया है?

दोनों सरकारों ने अपनी-अपनी तरफ से इसमें फंड दिया है।

7. आप करतारपुर कैसे जा सकते हैं?

इसके लिए आपको पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। आप ऑनलाइन पंजीकरण के लिए वेबसाइट prakashpurb550.mha.gov.in विजिट कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
India Pakistan Kartarpur Corridor important information question answer, Inauguration by PM Modi
करतारपुर साहिब गुरुद्वारा - फोटो : PTI

8. डेरा बाबा नानक से दरबार साहेब करतारपुर तक की दूरी कितनी है?

दोनों के बीच दूरी 4.6 किमी है।

9. आप अपने पंजीकरण की ताजा जानकारी कहां देख सकते हैं?

आपको पंजीकरण के बाद नोटिफिकेशन प्राप्त होगा। इसके अलावा आप गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर भी अपडेट देख सकते हैं।

10. क्या प्रवासी भारतीय (NRI) भी करतारपुर कॉरिडोर से जा सकते हैं?

जिस व्यक्ति के पास ओसीआई (OCI) कार्ड है, वो करतारपुर कॉरिडोर से जा सकता है। अन्य लोगों को वीजा के लए आवेदन करना होगा।

ये भी पढ़ें : जानिए सुप्रीम कोर्ट के उन पांच जजों के बारे में, जो अयोध्या मामले पर सुनाएंगे फैसला

आगे पढ़ें, क्यों अहम है ये जगह

विज्ञापन
India Pakistan Kartarpur Corridor important information question answer, Inauguration by PM Modi
करतारपुर गुरुद्वारा साहिब - फोटो : Social Media

सोमवार को होने वाले कार्यक्रम को भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के लिए अहम माना जा रहा है। करतारपुर साहिब पाकिस्तान में आता है लेकिन इसकी भारत से दूरी महज साढ़े चार किलोमीटर है। अब तक कुछ श्रद्धालु दूरबीन से करतारपुर साहिब के दर्शन करते रहे हैं। ये काम सीमा सुरक्षा बल (BSF) की निगरानी में होता है।

मान्यताओं के मुताबिक, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक 1522 में करतारपुर आए थे। उन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी 18 साल यहीं गुजारे थे। माना जाता है कि करतारपुर में जिस जगह गुरु नानक देव का देहावसान हुआ था, वहां पर गुरुद्वारा बनाया गया था।

दोनों देशों के बीच समझौते में क्या है

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed