भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चित करतारपुर कॉरिडोर आज (9 नवंबर) को खुलने वाला है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच समझौता हो चुका है और कई सांसद, विधायक व मंत्री करतारपुर जाने वाले पहले जत्थे का हिस्सा बनने जा रहे हैं।
आज खुलेगा पाकिस्तान का करतारपुर कॉरिडोर, जानें इससे जुड़े 10 सवालों के जवाब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1. करतारपुर कॉरिडोर कब खुल रहा है?
कॉरिडोर 9 नवंबर, 2019 को खुलेगा।
2. क्या करतारपुर कॉरिडोर वीजा मुक्त है?
करतारपुर कॉरिडोर के लिए किसी वीजा की जरूरत नहीं है।
3. यहां जाने की फीस क्या है?
यहां जाने के लिए 20 डॉलर (करीब 1400 रुपये) फीस देनी होगी। जो लोग 9 और 12 नवंबर को जाएंगे उन्हें फीस का भुगतान नहीं करना होगा।
4. करतारपुर के लिए 9 और 12 नवंबर को क्यों नहीं लगेगी फीस?
क्योंकि 9 नवंबर को इस कॉरिडोर का उद्घाटन.. यानी पहला दिन है और 12 नवंबर को 550वीं गुरुनानक जयंती है। इस अवसर पर शुल्क से राहत दी गई है।
5. क्या आपको पासपोर्ट ले जाने की जरूरत है?
पहले कहा गया था कि यात्रा के दौरान पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। लेकिन गुरुवार को पाक सेना ने कहा कि यात्रा के दौरान भी पासपोर्ट लाना अनिवार्य होगा।
6. करतारपुर कॉरिडोर को किसने फंड किया है?
दोनों सरकारों ने अपनी-अपनी तरफ से इसमें फंड दिया है।
7. आप करतारपुर कैसे जा सकते हैं?
इसके लिए आपको पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। आप ऑनलाइन पंजीकरण के लिए वेबसाइट prakashpurb550.mha.gov.in विजिट कर सकते हैं।
8. डेरा बाबा नानक से दरबार साहेब करतारपुर तक की दूरी कितनी है?
दोनों के बीच दूरी 4.6 किमी है।
9. आप अपने पंजीकरण की ताजा जानकारी कहां देख सकते हैं?
आपको पंजीकरण के बाद नोटिफिकेशन प्राप्त होगा। इसके अलावा आप गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर भी अपडेट देख सकते हैं।
10. क्या प्रवासी भारतीय (NRI) भी करतारपुर कॉरिडोर से जा सकते हैं?
जिस व्यक्ति के पास ओसीआई (OCI) कार्ड है, वो करतारपुर कॉरिडोर से जा सकता है। अन्य लोगों को वीजा के लए आवेदन करना होगा।
ये भी पढ़ें : जानिए सुप्रीम कोर्ट के उन पांच जजों के बारे में, जो अयोध्या मामले पर सुनाएंगे फैसलाआगे पढ़ें, क्यों अहम है ये जगह
सोमवार को होने वाले कार्यक्रम को भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के लिए अहम माना जा रहा है। करतारपुर साहिब पाकिस्तान में आता है लेकिन इसकी भारत से दूरी महज साढ़े चार किलोमीटर है। अब तक कुछ श्रद्धालु दूरबीन से करतारपुर साहिब के दर्शन करते रहे हैं। ये काम सीमा सुरक्षा बल (BSF) की निगरानी में होता है।
मान्यताओं के मुताबिक, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक 1522 में करतारपुर आए थे। उन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी 18 साल यहीं गुजारे थे। माना जाता है कि करतारपुर में जिस जगह गुरु नानक देव का देहावसान हुआ था, वहां पर गुरुद्वारा बनाया गया था।
कमेंट
कमेंट X