Independence Day 2022: पीएम मोदी से मिलकर एनसीसी कैडेट्स खुश, बोले- सपना पूरा हो गया
स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर अपने भाषण के बाद मोदी ज्ञान पथ के बाड़े में चले गए। उन्होंने हाथ हिलाकर कैडेट्स का अभिवादन किया।
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आज 15 अगस्त, 2022 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर के सामने पारंपरिक पोशाक पहने और भारत के नक्शे के भौगोलिक स्वरूप में बैठे एनसीसी कैडेटों के साथ बातचीत की। छात्रों को लाल किले के सामने 'ज्ञान पथ' पर बैठाया गया था। सभी कैडेट्स उन क्षेत्रों के कपड़े पहने हुए थे जिनका वे प्रतिनिधित्व कर रहे थे। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक था।
सपने भी सच हो सकते हैं
20 साल की अंजलि गहलोत ने पीएम मोदी से मिलने के बाद बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सपने भी सच हो सकते हैं। वह उन 36 कैडेट्स में शामिल थी जो राजस्थान से दिल्ली स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने पहुंचे थे। अंजलि प्रतापगढ़ से पहली बार दिल्ली आई थी। वहीं, यह पहला मौका था जब उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया है और पीएम मोदी को कुछ ही फीट की दूरी से देखा है। अंजलि ने कहा, "वहां बैठकर मैंने सोचा, सपने भी सच हो सकते हैं। पिछले 15 दिनों में कितनी अच्छी चीजें हुई हैं। मैंने यहां बहुत सारे दोस्त बनाए हैं। एनसीसी ने मुझे यह मौका दिया है।" मंगलवार को अंजली अपने गृहनगर के लिए रवाना हो रही है। अंजलि के पास अपने परिवार वालों को बताने के लिए अब दर्जनों कहानियां हैं।
स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर अपने भाषण के बाद मोदी ज्ञान पथ के बाड़े में चले गए। उन्होंने हाथ हिलाकर कैडेट्स का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री ने पंजाब और गुजरात के कैडेटों को अपने लोक नृत्य भांगड़ा और गरबा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कुछ कैडेटों से भी हाथ मिलाया और उनसे बातचीत भी की।
देशभर के विभिन्न स्कूलों के कुल 792 एनसीसी कैडेटों (सेना, नौसेना और वायु सेना) ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया था। खुशी पांडे, भावना और अभिनाश परिदा ओडिशा का प्रतिनिधित्व करने वाले 30 एनसीसी कैडेटों में से थे। ये सभी पहली बार दिल्ली आए थे। खुशी ने कहा कि राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। हमने जितनी मेहनत की है उसका फल मिला है। वहीं, भावना ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि हमें देश के प्रधान मंत्री से मिलने और बधाई देने का मौका मिलेगा। यह बिल्कुल अवास्तविक था। पश्चिम बंगाल के कैडेट आकाश जाना ने कहा कि वे कार्यक्रम के बाद प्रधान मंत्री से मिलकर रोमांचित थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण हम सभी के लिए बहुत प्रेरणादायक था। वहीं, बंगाल के ही नालंदी बसु ने बताया कि उनका अनुभव काफी अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली में मेरा पहला मौका है और मैं इस समारोह का हिस्सा बनकर खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। प्रधान मंत्री मोदी से मिलकर वास्तव में खुशी हुई।
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