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IIT Bombay Student Death Case: मृतक छात्र के पिता ने सीएम को लिखा पत्र, पुलिस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

Thu, 30 Mar 2023 12:06 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सौरभ पांडेय Updated Thu, 30 Mar 2023 12:06 PM IST
सार

IIT Bombay Student Death: आईआईटी बॉम्बे के मृतक छात्र के पिता ने सीएम एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा किया है।  
 

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IIT Bombay Student Death case father written to Maharashtra CM Eknath Shinde for fair Investigation
iit bombay

विस्तार

IIT Bombay Student Death Case: आईआईटी बॉम्बे के मृतक छात्र दर्शन सोलंकी के पिता ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उनके बेटे की मौत की प्राथमिकी दर्ज करने में पुलिस उनका सहयोग नहीं कर रही है। उनके परिवार को पुलिस से उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को लिखे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि परिवार पुलिस और विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्यों के रवैये से "पूरी तरह से हैरान और निराश" है, जो लगभग दो सप्ताह से प्राथमिकी दर्ज करने से "इनकार" कर रहे हैं। 

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मुंबई के पवई इलाके में स्थित आईआईटी बॉम्बे के एक छात्र ने रविवार को परिसर में स्थित हॉस्टल की सातवीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि 18 वर्षीय छात्र दर्शन सोलंकी गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला था और बीटेक (केमिकल) कोर्स के प्रथम वर्ष में था। उसने 12 फरवरी को परिसर में स्थित एक छात्रावास की इमारत की सातवीं मंजिल से कूदकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी।

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मृतक के परिवार ने दावा किया है कि उन्हें IITB में अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से संबंधित होने के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ा। हालांकि, संस्थान द्वारा गठित जांच समिति ने जाति-आधारित भेदभाव को खारिज कर दिया था और आत्महत्या के संभावित कारण के रूप में खराब शैक्षणिक प्रदर्शन का संकेत दिया था।


 
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दर्शन के पिता रमेश सोलंकी ने अपने पत्र में कहा, "आपको सूचित किया जाता है कि मैं अपने परिवार के साथ 16 मार्च की मेरी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अहमदाबाद से पवई पुलिस स्टेशन आया था। हालांकि, हमारे अनुरोध के बावजूद पवई पुलिस स्टेशन ने यह कहते हुए प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया कि चूंकि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, इसलिए वे प्राथमिकी दर्ज नहीं कर सकते हैं और आवश्यक कार्रवाई के लिए एसआईटी को शिकायत भेज देंगे। उन्होंने कहा कि उस समय मौजूद एक डीसीपी ने प्राथमिकी दर्ज करने के उनके अनुरोध पर विचार करने से इनकार कर दिया।





 

मृतका के पिता का आरोप है कि 16 मार्च को जब परिवार ने इसी मांग को लेकर एसआईटी का दरवाजा खटखटाया तो उसने भी सहयोग नहीं किया। "हम पुलिस और एसआईटी के सदस्यों के रवैये से पूरी तरह से हैरान और निराश हैं, जो लगभग दो सप्ताह से प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर रहे हैं और अब हमें अपना पक्ष लिखने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उनका आचरण किसी भी विश्वास को प्रेरित नहीं करता है। इसमें कहा गया है, "हम आशंकित हैं कि एसआईटी दर्शन को हुए जातिगत भेदभाव के नजरिए से जांच को दरकिनार करने और मोड़ने की कोशिश कर रही है।"

सोलंकी ने कहा "हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया मामले का जायजा लें और यह सुनिश्चित करें कि हमारी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाए और जांच स्वतंत्र रूप से और निष्पक्ष रूप से बिना किसी गुंडागर्दी के की जाए। कृपया हमारे बेटे को न्याय सुनिश्चित करने के लिए मामले में तत्काल कार्रवाई करें। 

एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि छात्र दर्शन सोलंकी की मौत की जांच कर रही मुंबई पुलिस की एसआईटी ने सोमवार को कहा कि उसने एक नोट बरामद किया है, जिसमें उसके हॉस्टल साथी के नाम का उल्लेख है। उन्होंने बताया कि कागज के टुकड़े पर लिखा कथित सुसाइड नोट कुछ दिन पहले सोलंकी के छात्रावास के कमरे से बरामद किया गया था।

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