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बीपीएड डिग्री के साथ पाना चाह रहे हैं ये नौकरी, तो पहले पढ़ लें हाईकोर्ट का फैसला

Fri, 12 Oct 2018 12:11 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 12 Oct 2018 12:11 PM IST
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if you have B.P.ED degree, then first read this High Court verdict
हाईकोर्ट ने कहा है कि बीपीएड (शारीरिक शिक्षा) डिग्री धारक अध्यापक इंटरमीडिएट कॉलजों के प्रधानाचार्य नहीं बनाए जा सकते हैं। अपनी योग्यता के अनुसार उनको सिर्फ हाईस्कूल का ही प्रधानाध्यापक बनाया जा सकता है। इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य बनने के लिए एमपीएड डिग्री होना अनिवार्य है। इस मामले पर सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले की अध्यक्षता में न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की तीन सदस्यीय पीठ गठित की गई थी।
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पूर्णपीठ ने कहा कि बीपीएड डिग्री बीएड, एलटी, बीटीसी आदि के समकक्ष है और इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रवक्ता पद के लिए अर्ह नहीं है। बीपीएड डिग्री पोस्ट ग्रेजुएट प्रशिक्षण योग्यता है। इसलिए इसकी डिग्री रखने वाले सिर्फ हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक होने योग्य हैं। चूंकि यह कक्षा 11 और 12 को पढ़ाने की योग्यता नहीं रखते हैं, इसलिए इनको इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य भी नहीं बनाया जा सकता है। इंटर कॉलेज में एमपीएड डिग्री धारक ही पढ़ा सकते हैं।

इस संबंध में एनसीटीई ने योग्यता का निर्धारण किया है। यह राज्य सरकारों पर बाध्यकारी है। इस मामले में अमल किशोर सिंह ने विशेष अपील दाखिल की थी। खंडपीठ ने इस विधि प्रश्न को पूर्णपीठ को संदर्भित किया था। पूर्णपीठ ने अपने स्पष्टीकरण के बाद मामला पुन: खंडपीठ को भेज दिया है।
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