फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   How Indian Flag was made History of Tiranga and its developer Pingali Venkayya

रेलवे में गार्ड की नौकरी करते थे, देश की शान तिरंगे का मौजूदा रूप बनाने वाले झंडा वेंकैया

Fri, 02 Aug 2019 03:42 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Fri, 02 Aug 2019 03:42 PM IST
विज्ञापन
How Indian Flag was made History of Tiranga and its developer Pingali Venkayya

ना जाने ऐसे कितने लोग हैं जो अपने देश पर मर-मिटने को तैयार हैं। पर शायद उन लोगों को भी नहीं पता कि हमारे देश के तिरंगे को किसने डिजाइन किया...? यहां हम बात पिंगली वेंकैया की कर रहे हैं, जिनका जन्म 2 अगस्त, 1876 को हुआ था। यही वो शख्स हैं, जिन्होंने हमारे देश को एक अनमोल निशानी दी थी। एक ऐसी निशानी, जो हर भारतीय के मन में अपने देश के प्रति जोश और सम्मान का भाव प्रकट कर देती है। अगली स्लाइड में पढ़ते हैं इनके बारे में सब कुछ...

विज्ञापन

पिंगली वेंकैया के बारे में जानें सबकुछ-

  • पिंगली वेंकैया का जन्म 2 अगस्त, 1876 को हुआ था।
  • 19 साल की उम्र में वे "ब्रिटिश आर्मी" से जुड़े और अफ्रीका में एंग्लो-बोएर जंग का हिस्सा बन गए।
  • इसी जंग में पिंगली की मुलाकात महात्मा गांधी से हुई।
  • इन्होंने भटाला पेनमरू और मछलीपट्टनम से शुरुआती शिक्षा ग्रहण की।
  • मात्र 19 साल की उम्र मेें ही, इन्होंने सेना की नौकरी कर ली। इसी दौरान इनकी पोस्टिंग दक्षिण अफ्रीका में हुई। 
  • बता दें कि ये 1899 से 1902 के दौरान दक्षिण अफ्रीका के "बायर" युद्ध का भी हिस्सा रह चुके हैं। 
  • पिंगली गांधी के विचारों से बेहद प्रभावित थे।
  • सेना की नौकरी के बाद वे मुंबई में रेलवे में गार्ड की नौकरी करने लगे। 
  • कुछ समय बाद यह भी नौकरी छोड़ दी क्योंकि मद्रास में उस वक्त प्लेन नामक महामारी फैल गई, जिसकी वजह से काफी लोग मर गए। 
  • बेवजह हुई मौतों से उनका मन विचलित हो गया और गार्ड की नौकरी छोड़ पिंगली ने मद्रास में प्लेग रोग निर्मूलन इंस्पेक्टर की नौकरी कर ली।
  • पिंगली वेंकैया को "झंडा वेंकैया" के नाम भी जाना जाता है।
  • पिंगली वेंकैया का निधन 4 जुलाई, 1963 को हुआ।

ऐसे तैयार हुआ तिरंगा

  • पिंगली वेंकैया के दिमाग में 1916 में झंडा बनाने का ख्याल आया।
  • एस.बी. बोमान और उमर सोमानी ने भी इस ख्याल की सराहना की। 
  • उस वक्त तीनों ने मिलकर नेशनल फ्लैग मिशन की स्थापना की।
  • उन्होंने अपने मिशन में गांधी जी की भी सलाह ली। 
  • गांधी जी ने उस वक्त कहा था कि यदि संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधना है तो तिरंगे के बीच में अशोक चक्र होना चाहिए।
  • उस वक्त तिरंंगे के रंग को लेकर वेंकैया काफी विवादों में रहें। 
  • 1947 में कांग्रेस के सामने राष्ट्रीय ध्वज को क्या रूप दिया जाए, ये प्रश्न एक पहेली के रूप में खड़ा हो गया।
  • इसके लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में केमटी बनी। बता दें कि कमेटी बनाने के तीन हफ्ते बाद यानी 14 अगस्त को इस कमेटी ने सिफारिश की। 
  • सिफारिश थी अखिल भारतीय कांग्रेस के ध्वज को ही राष्ट्रीय ध्वज के रूप में घोषित किया जाए। 
  • सिफारिश स्वीकार की गई और 15 अगस्त 1947 को तिरंगा भारत की आजादी का प्रतीक बन गया।
  • चूंकि पिंगली वेंकैया ने तिरंगा डिजाइन किया था इसलिए भारत सरकार ने उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया।


ये भी पढ़ें- इसरो को चंदा मामा की कहानियां सुना रहे हैं लोग, बड़ी मजेदार है इसकी वजह

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed