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Hijab Row: कर्नाटक में 75 हजार स्कूल और प्री-यू कॉलेज, हिजाब पर विवाद सिर्फ आठ संस्थानों में हुआ

Thu, 17 Feb 2022 08:31 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Thu, 17 Feb 2022 08:31 PM IST
सार

Karnataka Hijab Controversy Updates: कर्नाटक में कुल 75,000 अधिक हाई स्कूल और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज संचालित हैं। इनमें से सिर्फ आठ हाई स्कूल और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में हिजाब को लेकर विवाद है। 

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Hijab Row Karnataka Govt Says Controversy limited to only 8 high schools and pre university colleges
कर्नाटक के उडुपी में स्कूल छात्राएं। - फोटो : एएनआई

विस्तार

Karnataka Hijab Controversy Updates: पांच राज्यों के चुनाव के बीच देश की सियासी फिजा को सांप्रदायिक रंग में रंग चुका कर्नाटक का हिजाब विवाद पूरे राज्य का मसला नहीं है। यह सिर्फ राज्य के चुनिंदा संस्थानों का विवाद है। यह दावा कर्नाटक सरकार की ओर से किया गया है। राज्य सरकार ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि हिजाब विवाद से राज्य की छवि खराब हो रही है। जबकि असल, में ऐसा नहीं है। पूरे राज्य में करीब हजारों स्कूल-कॉलेज हैं, लेकिन हिजाब विवाद सिर्फ चुनिंदा संस्थानों में हो रहा है। 

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राज्य में 75 हजार हाई स्कूल और पीयू कॉलेज

कर्नाटक सरकार ने कहा कि राज्य में कुल 75,000 अधिक हाई स्कूल और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज संचालित हैं। इनमें से अभी तक सिर्फ आठ हाई स्कूल और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में हिजाब को लेकर विवाद जारी है। जबकि अन्य शिक्षण संस्थानों में ऐसा कुछ नहीं है। कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने बताया कि समस्या केवल कुछ हाई स्कूल और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज तक ही सीमित है। हम इसका समाधान निकाल लेंगे। उन्होंने छात्र-छात्राओं के द्वारा आदेशों का पालन करने पर खुशी जताई। 

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हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बावजूद नहीं थम रहा विवाद

हालांकि, इस बीच, कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा अपने अंतरिम आदेश में हिजाब विवाद से संबंधित सभी याचिकाओं पर फैसला आने तक सभी छात्र-छात्राओं को कक्षाओं के भीतर भगवा गमछे और हिजाब जैसे कोई भी धार्मिक मान्यता वाले कपड़े पहनने से रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद, विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है क्योंकि कई छात्राओं ने गुरुवार को भी हिजाब और बुर्का पहने हुए कक्षाओं में जाने की जिद की। बल्लारी, बेलगावी में धरना-प्रदर्शन हुए तो चिक्कमगलुरु में हिजाब के समर्थन में रैली निकाली गई।
 

बल्लारी और बेलगावी में बनी तनाव की स्थिति

इस बीच, गुरुवार को बल्लारी के सरला देवी प्री-यू कॉलेज में हिजाब और बुर्के वाली छात्राओं को प्रवेश नहीं देने के मामले से तनाव की स्थिति बन गई थी। जिद पर अड़े अभिभावकों और छात्राओं ने संस्थान के सामने धरना प्रदर्शन किया। हालांकि, बाद में पुलिस और वकीलों द्वारा समझाइश के बाद प्रदर्शनकारी वहां से हट गए। दूसरी ओर बेलगावी के विजय इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल साइंसेज में भी कुछ ऐसे ही तनाव के हालात देखे गए। कॉलेज के सामने अल्लाहू- अकबर के नारे लगा रहे छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इनमें छात्रों के अलावा कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे। 
 

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बुर्का उतार सकते हैं, मगर हिजाब नहीं

हिजाब का समर्थन कर रही छात्राओं ने कहा कि हम यहां पांच साल से यहां पढ़ने आ रहे हैं। अदालत ने केवल एक अस्थायी आदेश दिया है। हम बस यह चाहते हैं कि हम बुर्का हटा देंगे, लेकिन हिजाब नहीं। अगर हमें अंदर नहीं जाने दिया गया तो हम रोज बाहर बैठेंगे। वहीं, चिक्कमगलुरु में, छात्र-छात्राओं ने हिजाब के समर्थन में रैली निकाली। उनका कहना था कि धार्मिक चिह्न पर प्रतिबंध लगाया है तो हिंदू छात्राओं को बिंदी और चूड़ियों के उपयोग की छूट क्यों दी गई है?   

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