Heat Wave: पारा चढ़ने से दिल्ली-एनसीआर बेहाल! राजधानी के स्कूलों ने छात्रों के बचाव के लिए उठाए सराहनीय कदम
Delhi Schools: बढ़ती गर्मी से लोग काफी परेशान हो रहे हैं। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से बचने के लिए दिल्ली के कई स्कूलों ने सराहनीय कदम उठाए हैं। इसमें स्कूल परिसर में आम पन्ना, नींबू पानी, छाछ और वुड एप्पल पेय जैसे हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स परोसना शामिल है।
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Delhi: राजधानी दिल्ली सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। अप्रैल के महीने में ही दिल्ली-एनसीआर में प्रचंड गर्मी पड़नी शुरू हो गई है, जिससे लोग काफी परेशान हो रहे हैं। ऐेसे में दिल्ली-एनसीआर के स्कूल छात्रों को गर्मी और उससे होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए कदम उठा रहे हैं। इन उपायों में स्कूल परिसर में आम पन्ना, नींबू पानी, छाछ और वुड एप्पल पेय जैसे हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स परोसना शामिल है।
भारत मौसम विभाग ने जारी किया ओरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को शहर में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने के बाद येलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी की कलर-कोडेड अलर्ट प्रणाली के तहत, येलो अलर्ट लोगों को सतर्क रहने, गर्मी के संपर्क में आने से बचने, हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनने और अपने सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकने की सलाह देता है।
बाहरी गतिविधियों को कम किया गया
प्रिंसिपलों ने बताया कि स्कूलों ने सुबह 10 बजे के बाद बाहरी गतिविधियों में कटौती की है, ताकि छात्रों को धूप में निकलने और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके।
द्वारका स्थित एक स्कूल की प्रिंसिपल सुधा आचार्य ने बताया कि स्कूल ने कैफेटेरिया में कई हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स का स्टॉक रखा है। शिक्षकों ने छात्रों को कक्षा के दौरान अलग-अलग कूलिंग ड्रिंक्स बनाने का तरीका भी सिखाया है।
उन्होंने कहा, "छात्र बहुत अधिक दौड़ते-भागते और खेलते हैं, ऐसे में तापमान बढ़ने के कारण उन्हें आसानी से निर्जलीकरण, यानी डी-हाइड्रेशन हो जाता है। इसलिए, हमने उन्हें अतिरिक्त हाइड्रेशन के लिए खीरे और तरबूज का पानी लाने को कहा है। पानी में फ्लेवर होने से यह फायदा होता है कि वे अधिक पानी पीते हैं।"
टोपी या छाता लेकर चलने की दी सलाह
ईस्ट ऑफ कैलाश में स्थित एक स्कूल की प्रिंसिपल मल्लिका प्रेमन ने बताया, "हमने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने साथ टोपी या छाता लेकर जाएं। उन्हें खुद को हाइड्रेट रखने के लिए नियमित रूप से पानी पीने के लिए ब्रेक भी दिया जाता है।"
अभिभावकों को दी ये सलाह
स्कूलों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों को खाली पेट स्कूल न भेजें, क्योंकि इससे हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, स्कूलों ने आउटडोर खेलों को भी स्थगित कर दिया है।
छात्रों का स्वास्थ्य चेकअप करवाया जा रहा
अतिरिक्त सावधानी बरते हुए स्कूल अक्सर बीमार पड़ने वाले छात्रों के लिए स्वास्थ्य जांच करवाना और ओआरएस और ग्लूकोज जैसी आवश्यक दवाएं रखने का भी प्रबंध कर रहे हैं।
स्कूल शिक्षा निदेशालय के निर्देशों का कर रहे पालन
रोहिणी स्थित एक स्कूल के अध्यक्ष ने बताया कि वे स्कूल शिक्षा निदेशालय (DOE) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कर रहे हैं। इससे पहले 27 मार्च को, डीओई ने एक एडवाइजरी जारी की थी जिसमें अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सभी सरकारी और निजी स्कूलों को गर्मी से संबंधित बीमारियों के खिलाफ निवारक उपाय अपनाने का निर्देश दिया गया था।
एडवाइजरी में चेतावनी दी गई थी कि दिन के समय तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है, जिससे बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। डीओई ने इन बातों का ख्याल रखने को कहा है:
- दोपहर की सभाओं से बचना।
- पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- छात्रों को नियमित रूप से पानी पीने के लिए ब्रेक देना।
- धूप में सिर की सुरक्षा को प्रोत्साहित करना।
- पंखे से उचित वेंटिलेशन बनाए रखना और गर्मी से संबंधित किसी भी बीमारी की सूचना नजदीकी स्वास्थ्य सुविधाओं को देना।
आईएमडी उस स्थिति को हीट वेव की श्रेणी में रखता है जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक, पहाड़ी इलाकों में 30 डिग्री सेल्सियस या जब तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री अधिक हो।
मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार को दिल्ली में इस मौसम की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जब न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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