सरकार का फैसला- अब खुश रहना सीखने के लिए भी शुरू होगा कोर्स
- देश को वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में पहले स्थान पर लाने की कोशिश
- देश भर के शिक्षाविदों ने जताई कोर्स शुरू करने की इच्छा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आज दुनिया में कई जगहों पर इंसान के खुश रहने को काफी अहमियत दी जा रही है। लोगों को खुशी के सही मायने समझाए जा रहे हैं। इसके लिए बाकायदा कोर्सेज तक चलाए जा रहे हैं। अब भारत में भी इसकी तैयारी की जा रही है।
दिल्ली सरकार ऐसे ही एक कोर्स की योजना बना रही है। यह हैप्पीनेस करिकुलम पर आधारित सर्टिफिकेट कोर्स होगा। नई दिल्ली में आयोजित हैप्पीनेस एजुकेशन कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली सरकार के उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इसकी जानकारी दी है।
मनीष सिसोदिया ने कहा 'अभी वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में भारत काफी पीछे है। बल्कि पहले 118वें स्थान से फिसलकर हम 140वें पर आ गए हैं। हमारा सपना अपने देश को इस इंडेक्स में सबसे ऊपर देखना है। हम चाहते हैं कि हमारा देश वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में पहले स्थान पर आए। इसी उद्देश्य से हम एक सर्टिफिकेट कोर्स तैयार कर रहे हैं। प्रारूप तैयार हो जाने के बाद जो भी इसे शुरू करना चाहे, कर सकता है।'
ये भी पढ़ें : एक आसान सवाल जिसमें उलझ गए हैं लाखों लोग, क्या आपको पता है इसका जवाब
बता दें कि यह हैप्पीनेस एजुकेशन कॉन्फ्रेंस दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हैप्पीनेस करिकुलम के एक साल पूरे होने के मौके पर आयोजित की गई थी। यहां देश भर से आए शिक्षाविदों ने अपने-अपने राज्यों में इस करिकुलम को शुरू करने की इच्छा जताई है। हालांकि सिसोदिया ने अभी ये जानकारी नहीं दी है कि कोर्स तैयार करने में कितना वक्त लगेगा और कब से इन्हें स्कूलों, कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में शुरू किया जा सकेगा।
ये भी पढ़ें : इसरो को चंदा मामा की कहानियां सुना रहे हैं लोग, बड़ी मजेदार है इसकी वजह
कमेंट
कमेंट X