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UGC: विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में पहनने होंगे हैंडलूम से तैयार कपड़े, यूजीसी ने लिखा पत्र
Wed, 17 Jan 2024 06:13 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 17 Jan 2024 06:13 AM IST
सार
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2017 और 2018 में उच्च शिक्षण संस्थानों को पारंपरिक काले कोट में डिग्री लेने के बजाय भारतीय परिधानों को पहनकर डिग्री देने का निर्देश दिया था। इसमें पुरुष कुर्ता-पायजामा या धोती और महिलाएं सूट-सलवार या फिर साड़ी पहन सकती हैं।
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यूजीसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में दीक्षांत समारोह में हैंडलूम (हथकरघा) से तैयार कपड़े पहनने होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व राज्यों को इस संबंध में पत्र भेजा है।
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इसमें लिखा है कि ऐसे कपड़े हर मौसम में आरामदायक होते हैं। इन्हें पहनने से छात्रों में भारतीय होने पर गर्व का अहसास होगा। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। पत्र में लिखा है, यूजीसी के सुझाव को मानते हुए कई विश्वविद्यालयों ने पहले ही दीक्षांत समारोह में हथकरघा से तैयार परिधान शामिल कर लिए हैं पर बहुत सारे विश्वविद्यालय अब भी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से आग्रह है कि वे हथकरघा या हैंडलूम से बने भारतीय परिधानों को दीक्षांत समारोह के ड्रेस कोड में शामिल करें।
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भारतीय परिधानों में ही दें डिग्री
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2017 और 2018 में उच्च शिक्षण संस्थानों को पारंपरिक काले कोट में डिग्री लेने के बजाय भारतीय परिधानों को पहनकर डिग्री देने का निर्देश दिया था। इसमें पुरुष कुर्ता-पायजामा या धोती और महिलाएं सूट-सलवार या फिर साड़ी पहन सकती हैं।
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मंत्रालय ने अपने प्रदेशों की वेशभूषा को प्रमोट करते हुए उसे दीक्षांत समारोह में शामिल करने का निर्देश दिया है। आईआईटी, एनआईटी समेत कई विश्वविद्यालयों ने अपने प्रदेश की पारंपरिक वेशभूषा पहनकर डिग्री का चलन शुरू किया है।
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