School Admission: क्या केंद्रीय स्कूलों से खत्म होगा सांसद कोटा? सरकार कर सकती है राजनीतिक दलों से चर्चा
लोकसभा में केंद्रीय स्कूलों में सांसद कोटा की 10 सीटों का मुद्दा कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने उठाया था। उन्होंने कहा था कि सांसद कोटा से प्रवेश कराने के लिए कहीं ज्यादा अनुरोध आते हैं।
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केंद्र सरकार केंद्रीय स्कूलों में सांसद कोटा की 10 सीटों को खत्म करने पर विचार कर रही है। इसके लिए सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों से जल्द ही चर्चा कर सकती है। यह फैसला आगामी सत्र से ही लिया जा सकता है। सोमवार को लोकसभा में इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया था। इस पर लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सभी राजनीतिक दलों के साथ में एक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया।
क्या कहा लोकसभा अध्यक्ष ने?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि मंत्री जी को राजनीतिक दलों के साथ में एक बैठक करनी चाहिए। इसमें इस बात पर फैसला होना चाहिए कि क्या स्कूलों में सांसद कोटा खत्म होना चाहिए? ओम बिड़ला ने आगे सांसद कोटा को भेदभावपूर्ण भी बताया। बिड़ला ने कहा कि बैठक करने के बाद इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाएगा।
मनीष तिवारी ने उठाया था मुद्दा
लोकसभा में केंद्रीय स्कूलों में सांसद कोटा की 10 सीटों का मुद्दा कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने उठाया था। उन्होंने कहा था कि सांसद कोटा से प्रवेश कराने के लिए बहुत ज्यादा अनुरोध आते हैं। ऐसे में 10 सीटें काफी कम हैं। उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या को बढ़ाया जाए या फिर सांसद कोटा को खत्म कर देना चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने दिया बयान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुद्दे पर कहा कि अगर सदन स्कूलों में सांसद कोटा को खत्म करने के लिए एकमत है तो सरकार इस दिशा में काम कर सकती है। हम जनता के प्रतिनिधि हैं केवल कुछ लोगों के नहीं। शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि सांसद कोटा को 2 से 5 और वर्तमान में 10 सीटों तक किया गया है। शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय की स्थापना अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के बच्चों की सुविधा के लिए हुई थी। यहां अधिकारियों के ट्रांसफर होने के बाद उनके बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था होती थी। अधिकारियों का स्थानांतरण भी ऐसे क्षेत्रों में होता था जहां केंद्रीय शिक्षण संस्थान हुआ करते थे।
धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि देश के हर जिले में आज केंद्रीय विद्यालय मौजूद है। सरकार हर 2 से 3 साल में स्कूलों की स्थापना करती है। ऐसे में यह कहना गलत होगा कि लंबे समय से कोई स्कूल नहीं खोले गए हैं।
कई ने किया विरोध
कई सांसदों ने सदन में सरकार के इस कदम का विरोध भी किया। लोकसभा में तृणमूल की सांसद मोहुआ मोइत्रा ने कहा कि सांसद के पास केंद्रीय स्कूलों में प्रवेश के लिए कई अनुरोध आते हैं। ऐसे में सांसद कोटा की 10 सीटों में वृद्धि की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे दूर करना बहुत मुश्किल होगा।
राष्ट्रीय एड्स कार्यक्रम को 31 मार्च, 2026 तक के लिए दी मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय एड्स और एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) को 1 अप्रैल, 2021 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 कर दिया है। इसके लिए 15,471.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा पोषित है और वर्तमान में यह अपने पांचवें चरण में है। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की ओर से 1992 में शुरू किया गया था।
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