फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Government decides to admit girl cadets in all sainik school from 2021-22

सरकार का फैसला : इस शैक्षणिक सत्र से 33 सैनिक स्कूलों में बालिका कैडेट्स को भी मिलेगा दाखिला

Thu, 11 Mar 2021 01:57 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Thu, 11 Mar 2021 01:57 PM IST
सार

  • देश के 33 सैनिक स्कूलों में बालिका कैडेट्स को मिली प्रवेश की अनुमति
  • पहली बार 2018 में 6 बालिका कैडेट्स को सैनिक स्कूल छिंगछिप में दिया था प्रवेश 
  • सैनिक स्कूल में दाखिले के लिए देनी होगी प्रवेश परीक्षा

विज्ञापन
Government decides to admit girl cadets in all sainik school from 2021-22
Sainik School Admission 2021 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के सभी सैनिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से बालिका कैडेट्स को दाखिला दिया जाएगा। यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर के दौरान दी। 

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2018-19 में पहली बार सैनिक स्कूल छिंगछिप (मिजोरम) में छठवीं कक्षा में 54 बालकों के साथ 6 बालिका कैडेट्स को प्रवेश दिया गया था। इस पायलट परियोजना की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 से सभी सैनिक विद्यालयों में बालक कैडेट्स के साथ बालिका कैडेट्स को भी प्रवेश देने का फैसला किया है। इसके साथ ही सरकार एनजीओ, निजी स्कूलों और राज्य सरकारों के साथ मिलकर देश में सैनिक स्कूलों की स्थापना के लिए एक नई योजना लाने की तैयारी कर रही है।

विज्ञापन

प्रवेश के लिए देनी होगी परीक्षा

बता दें सैनिक स्कूलों में कक्षा छह व नौवीं के दौरान ही दाखिला दिया जाता है। इस दौरान बच्चे की आयु 10 से 12 वर्ष और 13 से 15 वर्ष होनी चाहिए। सैनिक स्कूल में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा देनी होती है। 

1961 में सतारा में पहले सैनिक स्कूल की स्थापना

गौरतलब है कि 1961 में महाराष्ट्र के सतारा में पहला सैनिक स्कूल खोला गया था। वहीं कुछ महीने बाद चार और स्कूल हरियाणा के कुंजपुरा, गुजरात के बालाचडी, पंजाब के कपूरथला और राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में खोले गए थे। 

यह भी पढ़ें - भारतीय नौसेना की पनडुब्बियां: रोचक तथ्य, श्रेणियां और उपलब्धियां यहां जानिए 

विज्ञापन

सैनिक स्कूल की स्थापना करने का उद्देश्य नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) और इंडियन नेवल एकेडमी (आईएनए) के लिए छात्रों को तैयार करना था। अभी तक एनडीए और आईएनए में भी सिर्फ लड़कों को ही प्रवेश दिया जाता था, लेकिन अब वहां भी लड़कियों को प्रवेश मिलने लगा है।

यह भी पढ़ें - सरकार का बड़ा फैसला: पांच जवाहर नवोदय विद्यालयों को बनाया जाएगा सैनिक स्कूल  

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed