महीनों पहले पता चल जाएगा कि आपको हार्ट अटैक व कैंसर हो सकता है या नहीं, जीबीयू शुरू कर रहा है कोर्स
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) हैदराबाद के बाद गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कोर्स शुरू कर दिया है। संस्थान के अनुसार, इस तकनीक से यह भी पता लगाया जा सकता है कि किस इंसान को अगले एक या डेढ़ साल बाद हार्ट अटैक आ सकता है या फिर उसे कैंसर का खतरा है।
औद्योगिक और व्यापारिक जरूरतों के अनुसार इस कोर्स के अलावा विवि में एमएससी इन जीनोम एंड जीनोमेटिक्स, एमएससी इन मॉलीक्यूलर मेडिसिन और एमबीए इन बिजनेस एनालिटिक्स जैसे कोर्सेज में भी विद्यार्थी दाखिला ले सकते हैं। खास बात यह है कि इस तरह के नए कोर्सेज समय की मांग हैं और देश विदेश में बेहतर रोजगार के अवसर दे रहे हैं।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. भागवत प्रकाश शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में इन कोर्सेज की बेहद मांग रहेगी। समय की जरूरत के अनुसार ही जीबीयू कोर्स शुरू कर विद्यार्थियों के लिए करियर के नये रास्ते खोल रहा है। हमारे देश को विद्यार्थियों की ऐसी फौज तैयार करने की जरूरत है, जो तकनीक के क्षेत्र में भारत को ऊंचे मुकाम पर ले जा सकें।
कोर्स में हैं कितनी सीटें
उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक के सहारे यह पता लगाया जा सकता है कि किस इंसान को एक या डेढ़ साल बाद हार्ट अटैक या कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा हो सकता है। लेकिन इसके लिए बड़ी संख्या में इस कोर्स के जानकारों की जरूरत पड़ने वाली है।
इसी तरह से जीबीयू में एमएससी इन मॉलीक्यूलर मेडिसिन कोर्स भी शुरू किया गया है। विवि ने इस कोर्स के लिए 40 सीटें रखी हैं। यह जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नया कोर्स है। इससे चिकित्सा अनुसंधान के लिए भविष्य में शोधकर्ता और वैज्ञानिक तैयार हो सकेंगे, जो कैंसर, सिंथेटिक जीव विज्ञान, हृदय रोग के उपचार में उपयोगी होंगे। वहीं, जीनोम कोर्स भी आने वाले वक्त में उपयोगी सबित होगा। इसके अलावा एमबीए इन बिजनेस एनालिटिक्स के माध्यम से विद्यार्थियों को वो क्षमता विकसित हो सकेगी जो बाजार को नया रुख दे सके।
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