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QS World Rankings 2024: पहली बार टॉप 150 में शामिल हुआ भारतीय संस्थान, 149वीं रैंक से IIT बॉम्बे ने रचा इतिहास

Wed, 28 Jun 2023 10:50 AM IST
वीरेंद्र शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Wed, 28 Jun 2023 10:50 AM IST
सार

QS World University Rankings 2024: पहली बार दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्ना यूनिवर्सिटी दुनिया के शीर्ष 500 की सूची में शुमार हो गए हैं। आईआईटी बॉम्बे, गुवाहाटी, दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी, वीआईटी की रैंकिंग में सुधार आया है। 

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QS Ranking 2024: IIT Bombay Moves Into Top 150 in Qs World Ranking list Check Full Details in Hindi
QS World University Rankings 2024 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

IIT Bombay QS Ranking: अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में भारत पहली बार दुनिया के टॉप सर्वश्रेष्ठ 150 की सूची में शुमार हो गया है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में आईआईटी बॉम्बे को 149वीं रैंक मिली है। इसमें आईआईटी बॉम्बे की रैंकिंग में 23 पायदान का सुधार हुआ है। 

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जबकि चिंता की बात यह है कि भारत के शीर्ष  विज्ञान संस्थान आईआईएससी (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस) तो पिछले साल तक 155वीं रैंक के साथ देश में शीर्ष पर था, उसे इस बार को 225वीं रैंक मिली है। इसी तरह आईआईटी दिल्ली की रैंकिंग में भी बड़ी गिरावट हुई है और उसे इस बार 197वीं रैंक मिली है। 

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MIT ने इस बार भी दुनिया में टॉप पर

लंदन में बुधवार आधी रात क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 जारी की गई है। एमआईटी ने इस बार भी दुनिया के शीर्ष संस्थानों में अपनी जगह बनाई है, जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज दूसरे, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड तीसरे, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चौथे और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी पांचवें तो इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन छठें स्थान पर हैं। 

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45 भारतीय विश्वविद्यालयों को जगह मिली

अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 45 भारतीय विश्वविद्यालयों को जगह मिली है। शीर्ष 200 की सूची में इस बार एक संस्थान कम हो गया है। इस बार शीर्ष 200 में दो , 300 में छह और 500 की सूची में 11 विश्वविद्यालय शामिल हैं। भारतीय संस्थान उच्च शिक्षा प्रणाली दुनिया में सातवें सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाले और एशिया में तीसरे स्थान पर है, जो केवल जापान और चीन से पीछे है। इस बार 13 विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में पिछले साल के मुकाबले में गिरावट आई है, जबकि 15 संस्थानों की रैंकिंग में सुधार और 22 विश्वविद्यालयों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। 2024 की रैंकिंग में तीन नए इंडिकेटर में बदलाव किया है। इसमें छात्र-शिक्षक अनुपात, शैक्षणिक प्रतिष्ठा संकेतक आदि शामिल हैं।

डीयू शीर्ष 500 में शुमार

पहली बार दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्ना यूनिवर्सिटी दुनिया के शीर्ष 500 की सूची में शुमार हो गए हैं। आईआईटी बॉम्बे, गुवाहाटी, दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, आईआईटी भुवनेश्वर, पंजाब यूनिवर्सिटी, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी, वीआईटी की रैंकिंग में सुधार आया है। जबकि आईआईएसी बंगलुरु, आईआईटी दिल्ली, खड़गपुर, कानपुर, मद्रास, इंदौर, हैदराबाद, सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी पुने, जादवपुर यूनिवर्सिटी, ओपी जिंदल, जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रैंक में गिरावट आई है। 

दिल्ली के आईपीयू समेत 4 विवि नए जुड़े

पहली बार दिल्ली के गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय समेत 4 नए भारतीय विश्वविद्यालयों ने रैंकिंग में जगह बनाई है। इसमें पेट्रोलियम विश्वविद्यालय और ऊर्जा अध्ययन (यूपीईएस), चितकारा विश्वविद्यालय, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय और भारतीय सांख्यिकी संस्थान शामिल हैं। 

रैंकिंग में यह मिला स्थान

संस्थान रैंकिंग 2024 रैंकिंग 2023
आईआईटी बॉम्बे 149 172
आईआईटी दिल्ली 197 174
आईआईएससी 225 155
आईआईटी खड़गपुर 271 270
आईआईटी कानपुर 278 264
आईआईटी मद्रास 285 250
आईआईटी गुवाहाटी 364 384
आईआईटी रुड़की 369 369
दिल्ली विश्वविद्यालय 407 521
जेएनयू 601 601

रिसर्च की गुणवत्ता से आईआईटी बॉम्बे की रैंक सुधरी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे भारतीय उच्च शिक्षा के लिए नए पथप्रदर्शक के रूप में उभरा है। पिछले पांच सालों में अनुसंधान की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा में लगातार सुधार के कारण टॉप 150 की सूची में शुमार हुआ है। इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, नैचुरल साइंस के अनुसंधान में करीब 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अनुसंधान गुणवत्ता के कारण इसका 30 फीसदी आउटपुट प्रभाव से शीर्ष 10 फीसदी अकादमिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होता है। यह वैश्विक औसत 6 फीसदी और भारतीय संस्थानों के औसत से 15 फीसदी अधिक है। 
 

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