क्या कोरोना वायरस कपड़ों पर भी जीवित रहता है? अगर रहता है तो कितनी देर। आपके मन में भी इस तरह के सवाल उठ सकते हैं। यह बात एकदम निश्चित है कि कोरोना वायरस कपड़ों पर भी जीवित रहता है लेकिन कितनी देर तक रहता है, इसे लेकर अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है, और न ही इस तरह का कोई शोध सामने आया है। कोरोना वायरस को लेकर हुए शोधों में यह बात तो सामने आई है कि यह जानलेवा विषाणु प्लास्टिक, स्टील, हवा और गत्ते में तीन दिन से लेकर तीन या चार घंटे तक जीवित रहता है, लेकिन कपड़े पर यह वायरस कितनी देर तक जीवित रहता है, इसे लेकर अभी तक कोई शोध सामने नहीं आया है।
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भारत में कोरोना वायरस
- फोटो : पीटीआई
यह बात तो स्पष्ट है कि अधिकतर वायरस गत्ते और कपड़े की बजाय स्टील और प्लास्टिक पर ज्यादा देर तक टिके रहते हैं। स्टील गैर छिद्र वाली सतह है जबकि गत्ता छिद्र वाली सतह है। वायरस ऐसी सतह पर ज्यादा देर तक रहते हैं जो गैर छिद्र वाली होती है, तभी कोरोना वायरस स्टील पर तीन दिन से ज्यादा तक जीवित रहता है, जबकि गत्ते पर यह वायरस तीन घंटे तक ही जीवित रहता है और उसके बाद इसका प्रभाव खत्म हो जाता है।
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि कपड़ों को गंदा छोड़ दिया जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि डिटर्जेंट वायरस को मार सकता है। किसी भी तरह के विषाणु से बचने के लिए कपड़ों को साफ-सुथरा रखना चाहिए। डब्ल्यूएचओ कहता है कि लिनन के कपड़ों को 60 से लेकर 90 डिग्री सेल्सियस पर धोना चाहिए। तौलियों को साफ-सुथरा और स्वच्छ रखना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति बीमार है तो उसके कपड़ों की सफाई का विशेष ख्याल रखना चाहिए।
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कोरोना वायरस
- फोटो : सांकेतिक
कहां कितनी देर जीवित रहता है कोरोना वायरस?
कोरोना वायरस स्टील पर तीन दिन से ज्यादा जीवित रहता है। प्लास्टिक पर भी यह वायरस तीन दिन से ज्यादा जीवित रहता है। जबकि गत्ते पर यह वायरस तीन घंटे तक ही सक्रिय रहता है। तांबे पर कोरोना वायरस चार घंटे तक जीवित रहता है। गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 1251 पहुंच गई है जबकि इस वायरस से मरने वालों की संख्या 32 हो गई है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए भारत में 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है जो कि 14 अप्रैल को खत्म होगा।
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