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Hindi News ›   Education ›   Exam Tips: Why does mind go blank? How to deal with it during exams; Know its causes and solutions

Exam Tips: क्यों होता है माइंड ब्लैंक? परीक्षा के दौरान इससे कैसे निपटें; जानिए इसके कारण और समाधान

Fri, 21 Feb 2025 08:39 AM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 21 Feb 2025 08:39 AM IST
सार

Exam Tips: परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र देखते ही आंखों के सामने अंधेरा छा जाए, तो घबराएं नहीं। क्वींसलैंड विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रोफेसर जेसन एम लॉज के सुझाव बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को इस समस्या से निजात दिला सकते हैं।

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Exam Tips: Why does mind go blank? How to deal with it during exams; Know its causes and solutions
Exam Tips - फोटो : freepik

विस्तार

Exam Tips: कई बार अक्सर ऐसा होता है कि परीक्षा से पहले तो छात्रों की तैयारी काफी अच्छी रहती है, लेकिन परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र को देखते ही उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है। उन्हें लगता है कि जो कुछ भी उन्होंने पढ़ा है, वह सब भूल गए हैं। छात्र दिमाग पर जितना जोर डालते हैं, चीजों को याद करना उतना ही मुश्किल होता जाता है। इसे ‘माइंड ब्लैंक’ कहते हैं। परीक्षा के दौरान ऐसा होना स्वाभाविक है, छात्रों को इससे घबराना नहीं चाहिए। क्वींसलैंड विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रोफेसर जेसन एम लॉज के सुझाव बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को इस समस्या से निजात दिला सकते हैं।
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दिमाग की भूमिका

आंखों के सामने अंधेरा छाने का सबसे प्रमुख कारण इन्सान का दिमाग होता है। इसलिए सबसे पहले दिमाग को समझना होगा। इसका हाइपोथैलेमस भाग शरीर में भावनाओं से जुड़े हार्मोन के लिए जिम्मेदार होता है। वहीं मेमोरी डोर कहा जाने वाला भाग हिप्पोकैम्पस किसी चीज को लंबे समय तक याद रखने में मदद करता है। दिमाग का प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (पीएफसी) भाग तार्किक सोच, निर्णय लेने और खुद पर नियंत्रण रखने के लिए जाना जाता है। तनाव में ये भाग सही से काम नहीं कर पाते हैं।
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आखिर होता क्यों है

अधिकतर छात्रों का दिमाग परीक्षा को एक खतरे की घंटी समझता है। जब वे परीक्षा हॉल में जाते हैं, तो कुछ ज्यादा ही तनाव और दबाव महसूस करते हैं। इससे तनाव को बढ़ाने वाले नॉरपेनेफ्रिन और कॉर्टिसोल हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं। नॉरपेनेफ्रिन पीएफसी को बढ़ाकर सोचने-समझने की क्षमता को रोक देता है, जिससे ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। कॉर्टिसोल हिप्पोकैम्पस को प्रभावित करके चीजों को याद कर पाने में बाधा बनता है। इस कारण भावनाएं छात्रों के सोचने की क्षमता पर हावी हो जाती हैं, जिसके कारण आंखों के सामने अंधेरा-सा छा जाता है।

ऐसे बच सकते हैं

परीक्षा के दौरान ऐसा होना कोई गंभीर समस्या नहीं है। कुछ तरीकों से इससे निजात पाई जा सकती है। छात्रों को तनाव को इस तरह से प्रबंधित करना सिखाएं कि वह उन पर हावी न होने पाए। विश्राम तकनीक या संज्ञानात्मक-व्यवहार विधियों का अभ्यास कराएं। इससे छात्र परीक्षा से डरने की बजाय उसे एक सामान्य चुनौती के रूप में लेंगे। इसके अलावा, परीक्षा की वास्तविक स्थितियों का अभ्यास करने से छात्र दबाव के साथ बेहतर सामंजस्य बिठा पाएंगे। इससे उनका आत्मविश्वास डगमगाएगा नहीं और प्रदर्शन बेहतर होगा।
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