EWS Admissions 2022: दिल्ली के निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस प्रवेश प्रक्रिया 29 मार्च से शुरू होगी
EWS Quota School Admission in Delhi Pvt Schools: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), वंचित समूह (डीजी) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणियों के तहत दिल्ली के निजी स्कूलों में प्रवेश स्तर की कक्षाओं में प्रवेश 29 मार्च से शुरू होगा।
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दिल्ली सरकार द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दिल्ली के निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस प्रवेश प्रक्रिया 29 मार्च से शुरू होगी। इस दौरान, आर्थिक तौर पिछडे़ वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में शुरुआती स्तर की कक्षाओं में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत आरक्षित सीटों पर दाखिला दिया जाता है। सरकार के शिक्षा निदेशालय ने जानकारी दी कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), वंचित समूह (डीजी) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणियों के तहत दिल्ली के निजी स्कूलों में प्रवेश स्तर की कक्षाओं में प्रवेश 29 मार्च से शुरू होगा।
दाखिले के लिए 12 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन
इससे पहले इन तीन श्रेणियों ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीडब्ल्यूएसएन के तहत शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 22 मार्च से शुरू होने वाली थी। दिल्ली शिक्षा निदेशालय (डीओई) के एक अधिकारी ने बताया कि तीनों श्रेणियों के तहत ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 12 अप्रैल, 2022 है, जबकि सीट अलॉटमेंट का पहला कंप्यूटरीकृत ड्रॉ 19 अप्रैल, 2022 को निकाला जाएगा।
नर्सरी, केजी और कक्षा एक में मिलेंगे दाखिले
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, निजी स्कूलों में प्रवेश स्तर की कक्षाओं - नर्सरी, केजी या कक्षा एक में 25 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीडब्ल्यूएसएन श्रेणियों के छात्रों के लिए आरक्षित हैं। ईडब्ल्यूएस उन बच्चों को संदर्भित करता है जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से कम है और डीजी एससी, एसटी, ओबीसी गैर-क्रीमी लेयर, अनाथ और ट्रांसजेंडर और एचआईवी से प्रभावित हैं।
कैपिटेशन शुल्क या डोनेशन मांगा तो होगी कार्रवाई
शिक्षा निदेशालय के अधिकारी ने कहा, इन सीटों पर दाखिले के लिए स्कूल द्वारा अधिसूचित शुल्क के अलावा किसी भी प्रकार का कैपिटेशन शुल्क या फीस नहीं ली जा सकती है। दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, कोई भी स्कूल या व्यक्ति, छात्र को प्रवेश देते समय, माता-पिता से कोई कैपिटेशन शुल्क या डोनेशन नहीं लेगा। यदि कोई भी स्कूल या व्यक्ति जो इसका उल्लंघन करते हैं और कैपिटेशन शुल्क लेते हैं, तो वे कैपिटेशन चार्ज के 10 गुना तक जुर्माने के साथ दंडित किए जा सकते हैं।
शिकायतों के निवारण के लिए निगरानी प्रकोष्ठ का गठन
अधिकारी ने बताया कि शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीएसडब्ल्यूएन श्रेणी के प्रवेश के ऑनलाइन आवेदन से संबंधित प्रश्नों और शिकायतों के निवारण के लिए जिला उप निदेशक की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में एक निगरानी प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। साथ ही संस्थानों को कंप्यूटरीकृत ड्रॉ के माध्यम से चयनित सफल उम्मीदवारों के प्रवेश को सुनिश्चित करने के लिए जारी किए गए निर्देशों का पालन करना होगा।
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