मनोरंजन के साथ ज्ञान प्रदान करते खिलौने, जानें और भी दिलचस्प तरीके
बच्चों की सबसे पसंदीदा चीजों में उनके खिलौने का स्थान सबसे ऊपर होता है। खिलौने में ही बच्चे अपनी दुनियां बसा लेते हैं। जिस गति से दौर बदल रहा है उसी हिसाब से बच्चों की रुचि भी बदल रही है। इसको देखते हुए खिलौने को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है। जिससे बच्चे खेलने के साथ-साथ सीखते भी रहें। इसी राह पर आगे बढ़कर "तुषार आमिन" ने अपनी कंपनी खोली जो बच्चों को मनोरंजन के साथ ज्ञान भी प्रदान करती है।
1. IIT का छात्र होने के नाते, आपको किस चीज ने और कब टॉय इंडस्ट्री में कदम रखने के लिए प्रेरित किया?
जवाबः पहली बात तो यह कि मैं IIT का छात्र नहीं रहा हूं। हमारे अन्य सह-संस्थापक, अश्विनी कुमार, अपूर्व गुप्ता और रजत जैन IIT- दिल्ली, 2011 के छात्र एवं सहपाठी हैं। वर्ष 2014 में हमने इस क्षेत्र में कदम रखने का निर्णय लिया। उस समय मैं बच्चों के लिए एक कंपनी द्वारा बनाए जा रहे डिजिटल प्रोडक्ट का नेतृत्व कर रहा था। बच्चों के लिए डिजिटल प्रोजेक्ट के क्षेत्र में मेरे अनुभव ने मुझे यह यकीन दिलाया कि वास्तविक खिलौनों की दुनिया में भी असीम संभावनाएं मौजूद हैं। जन्मदिन की एक पार्टी में मैं अपूर्व से मिला और हमने खिलौने को अधिक आकर्षक एवं शैक्षिक बनाने के तरीकों पर चर्चा की शुरुआत की। अपूर्व के कॉलेज के दोस्त और फ्लैट में साथ रहने वाले अश्विनी और रजत से मिलने के बाद हमने स्मार्टिविटी को लॉन्च करने का निर्णय लिया। चूंकि हम सभी विज्ञान एवं तकनीकी पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं और हम देश के भविष्य में इस क्षेत्र की महत्ता को समझते हैं, इसलिए हमने STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, (कला) और (गणित) पर आधारित खिलौनों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया। विभिन्न प्रकार के डिजाइनों पर काम करने तथा अपने प्रोडक्ट के प्रायोगिक चरण को पूरा करने के बाद, हमने खेल के जरिए STEM लर्निंग ज्यादा स्मार्ट बनाने के लक्ष्य के साथ जनवरी 2015 में आधिकारिक तौर पर स्मार्टिविटी को लॉन्च किया।
2. अगर आप इस क्षेत्र में कदम नहीं बढ़ाते, तो किस पेशे को अपनाते?
जवाबः मेरा 20 वर्षों का बेहद सफल करियर रहा है, और इस दौरान मैंने विभिन्न पत्रिकाओं के संपादक, डिजिटल प्रोडक्ट एवं प्लेटफॉर्म के प्रमुख तथा कई मल्टीनेशनल ब्रांड्स के लिए परामर्शदाता के तौर पर काम किया है, साथ ही मैंने किताब में भी लिखी हैं और हिंदी फिल्म उद्योग में फिल्मों पर पर्दे के पीछे भी काम किया है।
3. मनोरंजन के साथ सीखने के लिहाज से मिसाल कायम करने वाले बच्चों के इन विशेष प्रोडक्ट्स को बाजार में उतारने के पीछे आपका नजरिया क्या था?
जवाबः स्मार्टिविटी में हमारा उद्देश्य STEM एजुकेशनल कंस्ट्रक्शन टॉयज एवं एक्टिविटी के क्षेत्र में स्वयं को दुनिया के सबसे बड़े ब्रांड के तौर पर स्थापित करना है, जो बच्चों के लिए डिजिटल और वास्तविक दुनिया के बीच के अंतर को दूर करने में सक्षम हो। हम चाहते हैं कि बच्चों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत प्रारंभिक शिक्षा मिले। हमारे भविष्य का सफर उन पेशेवरों पर निर्भर है जिन्हें इन विषयों की गहरी जानकारी है। हम चाहते हैं कि बच्चे केवल उपभोक्ता बनने के बजाय स्वयं के उज्जवल एवं खुशहाल भविष्य के 'निर्माता' बनें। हमारे सभी प्रोडक्ट में हाथों से बनाए जाने वाले घटक शामिल होते हैं, साथ ही इससे STEM की अवधारणाएं उनके दिलो-दिमाग में समा जाती हैं।
4. आप बच्चों को पसंद आने वाले खिलौनों को लेकर किस तरह शोध करते हैं?
जवाबः हमारे सभी प्रोडक्ट में STEM लर्निंग को बेहद मजेदार और आकर्षक बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। हम शोध एवं डिजाइनों को विकसित करने की एक सशक्त प्रक्रिया का अनुसरण करते हैं। हम उन अवधारणाओं पर विचार करते हैं जो बच्चों के इर्द-गिर्द मौजूद हो- इसमें हाइड्रोलिक सिस्टम जैसी जटिल अवधारणाएं भी शामिल हो सकती हैं, जिसे आमतौर पर छोटे बच्चों को स्कूल में नहीं पढ़ाया जाता है लेकिन वे क्रेन और भवन निर्माण की मशीनों में प्रतिदिन इस प्रणाली के उपयोग को देखते हैं। हम इन अवधारणाओं के आधार पर एक कंस्ट्रक्शन टॉय की डिजाइन तैयार करते हैं जिसमें STEM सिद्धांत पर आधारित आकर्षक गेमप्ले शामिल होता है। बच्चों को पसंद आने वालेगेमप्ले की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण घटक है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि हमारे उत्पाद उबाऊ हों या उन्हें यह होमवर्क जैसा महसूस हो। इसके बाद प्रोडक्ट को हमारे सलाहकारों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, जो सीखने एवं मजेदार गतिविधि के लिहाज से इसके महत्व के आधार पर इसका मूल्यांकन करते हैं। एक बार जब वे प्रोडक्ट को मंजूरी दे देते हैं, तो इसे परीक्षण के लिए बच्चों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। हम अपने STEM निन्जा कार्यक्रम के जरिए डिजाइनिंग की प्रक्रिया में भी बच्चों को शामिल करते हैं। इससे हमें उन खिलौनों के संदर्भ में बच्चों के अनुभव की वास्तविक जानकारी प्राप्त होती है। हमारा STEM निन्जा हमें सुझाव एवं प्रतिक्रिया देते हैं, जिसे डिजाइन में शामिल करने के बाद उत्पाद को लॉन्च किया जाता है।
5. क्या आप आने वाले किसी दिलचस्प खिलौने के बारे में कुछ बताना चाहेंगे?
जवाबः हाल के दिनों में हमने कुछ बेहद रोचक उत्पादों को बाजार में उतारा है। अपने STEM एजुकेशनल कंस्ट्रक्शन टॉय पोर्टफोलियो के हिस्से के रूप में, हमने LVseफॉर्मर्स लेबल के तहत 6+ वर्ष के बच्चों के लिए खिलौनों की एक रेंज को बाजार में उतारा है- ये 2-इन-1 STEM कंस्ट्रक्शन टॉय कीमतों के लिहाज से बेहद सुलभ हैं। एक बच्चा स्टेमफॉर्मर्स खिलौनों को दो अलग-अलग तरीकों से असेंबल कर सकता है - STEM के सिद्धांत पर आधारित एक खिलौने के तौर पर या फिर एक बॉट के रूप में। बच्चे इन दोनों तरीकों का आसानी से चयन कर सकते हैं। हमने STEM सिद्धांतों पर आधारित स्टेमव्हील रेंज की अपनी कारों को भी बाजार में उतारा है, जिन्हें बनाकर बच्चे आसानी से दौड़ा सकते हैं। इनके अलावा, हमारा नवीनतम मिश्रित शैक्षणिक उत्पाद- स्मार्टिविटी मैजिको- खेल के जरिए अंग्रेजी, गणित, आकृति और रंगों की पहचान के मूल सिद्धांतों को 3+ वर्ष के बच्चों को पढ़ाने के लिए शारीरिक खेलकूद के साथ-साथ ब्लीडिंग एज कंप्यूटर विजन तकनीक को एकीकृत करता है। कार्यक्षमता एवं कीमतों के लिहाज से मुझे इन डिज़ाइनों पर वास्तव में गर्व है, जिस पर हम इस प्रकार के तकनीकी रूप से उन्नत उत्पादों को प्रस्तुत करने में
सक्षम हुए हैं। हमें पूरा यकीन है कि ये खिलौने ऐसा अनुभव प्रदान करेंगे जिसकी आज के बच्चे अपेक्षा करते हैं तथा जो उनका अधिकार है।
6. अब तक कुल कितनी धनराशि एकत्रित की जा चुकी है? भविष्य के वित्तपोषण के लिए क्या आपने कोई योजना बनाई है?
जवाबः विगत 3 वर्षों की अवधि में हमने तीन दौर में लगभग 18 करोड़ रुपये जुटाए हैं। हमने अगले दौर के लिए धनराशि एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
7. स्मार्टिविटी के बाजार में प्रवेश करने तथा सबसे मनोरंजक एवं शिक्षाप्रद खिलौनों में से एक के तौर पर स्थापित होने के बाद आपके जीवन में किस प्रकार का बदलाव आया है?
जवाबः स्मार्टिविटी के साथ हमारी जिंदगी भी बेहद मजेदार रोलर-कोस्टर की सवारी की तरह रही है। हम बेहद भाग्यशाली हैं कि हमारी टीम में बेहद उत्साही डिजाइनर, प्रौद्योगिकीविद एवं बिक्री पेशेवर शामिल हैं जो हमारे लक्ष्य एवं दृष्टिकोण पर यकीन रखते हैं। इसके परिणामस्वरूप हमारे बेहतरीन उत्पादों के पोर्टफोलियो को भारत के साथ-साथ 12 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी स्वीकार किया गया है। आज, हम एक विश्वस्तरीय खिलौना ब्रांड बन चुके हैं तथा एकमात्र भारतीय ब्रांड भी हैं जो वास्तव में चीन को खिलौने निर्यात करता है। किसी भी स्टार्ट-अप की शुरुआत की तरह हमने भी सामान्य तनाव का अनुभव किया है, परंतु दुनिया भर से हमें जो प्रतिक्रिया मिली है उसके लिए हम आभारी हैं। हम ऐसे कार्य से जुड़े हैं जो हमें उत्साह देता है और हमें इसमें बेहद आनंद आ रहा है। इसमें ऐसा महसूस ही नहीं होता है कि हम काम कर रहे हैं।
8. क्या आप खिलौनों का निर्माण आंतरिक स्तर पर करते हैं और क्या आपने इस काम के लिए डिजाइनरों एवं रचनात्मक लोगों को नियुक्त किया है, या फिर आप अन्य सह-संस्थापकों के साथ मिलकर डिजाइन विकसित करते हैं एवं इसे तैयार करते हैं?
जवाबः जी हाँ, हम अपने खिलौनों की डिजाइनिंग, विकास एवं निर्माण खुद ही करते हैं। हमारे पास डिजाइनरों और प्रौद्योगिकीविदों की 65 सदस्यीय मजबूत टीम है, जो हमारे साथ मिलकर काम करते हैं। हमारे सभी डिजाइन के पेटेंट संरक्षित हैं तथा हम अपने उत्पादों में विश्वस्तरीय गुणवत्ता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
9. आने वाले 5 वर्षों की अवधि में आप स्वयं को कहां पाते हैं?
जवाबः आने वाले 5 वर्षों की अवधि में, स्मार्टिविटी दुनिया का सर्व प्रमुख STEM एजुकेशनल कंस्ट्रक्शन टॉय ब्रांड होगा।
10. देश में संघर्षरत अथवा उभरते हुए युवा उद्यमियों को आप क्या संदेश देंगे?
जवाबः अल्पकालिक लाभ के लिए लापरवाह ढंग से कार्य न करें और गुणवत्ता से समझौता नहीं करें। हमेशा सर्वश्रेष्ठ गुणवत्तायुक्त उत्पादों एवं सेवाओं को उपलब्ध कराने पर ध्यान दें। केवल "पैसा कमाने" को एकमात्र लक्ष्य नहीं बनाएं। उद्यम के लिए पूंजी जुटाने में सफलता व्यवसाय में सफल होने के समान नहीं है। अपनी टीम का ख्याल रखें। नकदी प्रवाह और वित्त पर ध्यान दें। अपने हर विकल्प में सकारात्मकता के साथ कुछ नया करके दिखाएं। गलतियों से कभी डरें नहीं। लेकिन एक ही गलती को बार-बार दोहराने से बचें। उद्यमिता कठिन है। हर उद्यमी के आगे बढ़ने की यात्रा बिल्कुल अलग होती है। कभी भी दूसरों की सफलता के आधार पर अपना आकलन नहीं करें। अपने देश के प्रति गौरव का अनुभव करें परंतु स्वयं को निश्चित भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखें।
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