बायोमेडिकल, पारामेडिकल, लाइफ साइंसेज में करियर, डॉल्फिन पीजी इंस्टीट्यूट दे रहा है मौका
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अगर आप फीजियोथेरेपी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, एग्रीकल्चर, हॉल्टीकल्चर, फॉरेस्ट्री, बायोकेमिस्ट्री, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, केमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी या कॉर्मस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और आपके मार्क्स कम हैं तो निराश होने की आवश्यकता नहीं हैं। डॉल्फिन पीजी इंस्टीट्यूट, देहरादून उपरोक्त क्षेत्रों में आपको करियर बनाने का मौका दे रहा है। संस्थान विगत 18 वर्षों से इन प्रोफेशनल कोर्सेस के क्षेत्र में एक जाना माना नाम है और इस क्षेत्र में अपना मुकाम बना चुका है। संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय से संबद्ध है और मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यूजीसीयूएसएफ मान्यता प्राप्त है। पूर्व में राष्ट्रीय मूल्यांकन व प्रत्यानयन परिषद (नैक) द्वारा संस्थान को बी प्लस ग्रेड प्रदान किया गया है। साथ ही इंडियन एसोसिएशन ऑफ फीजियोथेरेपी (आईएपी) द्वारा संस्थान को मान्यता प्राप्त है।
ये मिलेंगी सुविधाएं
संस्थान में 20 एकड़ कृषि भूमि, आस पास के जंगल में साल, शीशम व अन्य मेडिसिनल प्लांट्स फॉरेस्ट्री, एग्रीकल्चर, हॉटीकल्चर, बॉटनी व जूलॉजी जैसे कोर्सेस के छात्रों को प्रैक्टिकल एक्सपोजर, फार्मिंग और अन्य जरूरतों के लिये अत्यंत लाभदायक हैं। वहीं, स्टेट ऑफ आर्ट युक्त लैबोरेटरी में अत्याधुनिक उपकरण जैसे पीसीआर, यूवीवीआईएस, डबल बीम स्पेट्रो फोटोमीटर, जेल डाक्यूमेंटेशन सिस्टम, फर्मन्टर, एचपीएलसी, फलोरिसेन्ट माइक्रोस्कोप, इलाइजा रीडर, मिलीपोर वॉटर प्यूरिफिकेशन एसम्बली, आइसो काइनेटिक, कूलिंग सेन्ट्रीफ्यूज, 20 डिग्री सेंटीग्रेट डीप फ्रिज जैसे उपकरण छात्र-छात्राओ को प्रैक्टिकल एक्सपोजर और हैंड्स ऑन ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। स्टेट ऑफ द आर्ट फीजियोथेरेपी सेंटर्स में मॉर्डन फीजियोथेरेपी इक्विपमेंट्स जैसे आइसोकाइनेटिक टेस्टिंग एंड रिहैबिलिटेशन सिस्टम, अल्ट्रासाउंड एंड लेजर थेरेपी इक्विपमेंट्स, शॉर्ट वेव डाइथर्मी यूनिट, टेडमिल आदि से छात्र-छात्राओं को क्लीनिकल एक्सपोजर मिलता है। वे ओपीडी में रोज आने वाले मरीजों का प्रशिक्षित डाक्टरों व अध्यापकों के मार्गदर्शन में इलाज भी करते हैं।
आईआईटी मद्रास से भी है मान्यता
संस्थान एनपीटीईएल एक्टिविटीज के लिए आईआईटी मद्रास से लोकल चैप्टर के लिए मान्यता प्राप्त है। इसमें छात्र-छात्रायें व शिक्षक आनॅलाइन शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्सेस कर सकते हैं। एनरिच कंप्यूटर लैब, वाई-फाई कैंपस, कैफेटेरिया, साइबर कैफे, बोर्डिंग फैसिलिटी, एटीएम, वेल स्टॉक्ड लाइब्रेरी और ई-लाइब्रेरी, फुल टाइम ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल संस्थान को विश्वस्तरीय संस्थानों की श्रेणी में ला देते हैं। साथ ही रेगुलर वर्कशॉप, सेमिनार तथा हैंड्स ऑन ट्रेनिंग से छात्र आधुनिक विज्ञान व तकनीक से परिचित होते हैं। ट्रेनिंग व प्लेसमेंट एक्टिविटीज के निरंतर चलने के कारण 90 फीसदी से अधिक छात्रों का प्रतिवर्ष राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय कंपनियों / संस्थानों में प्लेसमेंट संभव हो पा रहा है। वहीं, संस्थान में केंद्र व राज्य सरकारों की एजेंसियां जैसे डीबीटी, यूकॉस्ट, यूएसबीडी आदि के कई रिसर्च प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें छात्र-छात्राएं संस्थान के शिक्षकों के मार्गदर्शन पीएचडी भी कर रहे हैं
संस्थान के भूतपूर्व छात्र जो प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत हैं उनमें से कुछ का विवरण आगे दिया गया है...
| 1. नयम कुमार शर्मा (एमएससी एमएलटी 2013-15 बैच) साइंटिफिक ऑफिसर (एसओ), डिपार्टमेंट ऑफ हेमेटोलॉजी एंड कॉगुलेशन एआरएल डायग्नॉस्टिकस पैथलैब, गुरुग्राम | ![]() |
| 2. प्रेम शंकर पाण्डे, एमएससी एमएलटी, 2010-12 बैच साइंटिफिक ऑफिसर (एसओ) पैथकाइंड डायग्नॉस्टिक, वाराणसी, उत्तर प्रदेश | ![]() |
| 3. रोहित कांडपाल, एमएससी एमएलटी, 2012-14 बैच
जेएसओ (जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर) डिपार्टमेंट ऑफ पैथोलॉजी, एसआरएल डायग्नॉस्टिक पैथलैब मायो हॉस्पिटल, मोहाली, पंजाब |
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| 4. साफिया हसन, एमएससी एमएलटी, 2014-16 बैच
असिस्टेंट प्रोफेसर (डिपार्टमेंट ऑफ पैथोलॉजी) पंडित ललितमोहन शर्मा गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, ऋषिकेश |
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| 5. नबब्रता दास, एमएससी बायोटेक, 2017-19 बैच
साइंटिफिक ऑफिसर रॉश डिजिटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली |
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| 6. रणधीर कुमार, एमएससी एमएलटी, 2013-15 बैच
एप्लीकेशन स्पेशियलिस्ट आईडी-एनएटी लैब (ब्लड बैंक), हीमो जिनोमिक्स प्राइवेट लिमिटेड स्वामी राम हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट, देहरादून |
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