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कौन हैं दिव्या मित्तल?: आईआईटी से आईआईएम, लंदन की नौकरी और फिर आईएएस… अब रखेंगी सियासत में कदम
Wed, 30 Sep 2026 02:53 PM IST
शिवम तिवारी
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम तिवारी
Updated Wed, 30 Sep 2026 02:53 PM IST
सार
पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति में कदम रखने का एलान किया है। जानिए उनकी पढ़ाई, लंदन की नौकरी, यूपीएससी सफर, आईएएस करियर और उत्तर प्रदेश से राजनीति शुरू करने के फैसले की पूरी प्रोफाइल।
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IIT से IIM, लंदन की नौकरी से आईएएस और अब राजनीति, कौन हैं दिव्या मित्तल?
- फोटो : @divyamittal_IAS
विस्तार
उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद अब राजनीति में प्रवेश करने का ऐलान किया है। 29 सितंबर 2026 को दिए गए वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू होगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी “कर्मभूमि” बताया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वह किसी राजनीतिक दल के झंडे के नीचे काम नहीं करेंगी और सीधे लोगों के साथ काम करना चाहती हैं।
दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की वजह बताते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने देखा कि कई लोगों की समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक पहुंच ही नहीं पातीं और कई बार शिकायत पहुंचने के बाद भी उनका समाधान नहीं होता। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने लोगों के साथ सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं को उठाने की बात कही है। उनके एजेंडे में जवाबदेही, जन शिकायतें, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, शिक्षा, भर्ती परीक्षाएं और रोजगार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
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उनकी पढ़ाई का सफर बाकी नहीं रहा। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने बाद में MITx से डेटा, अर्थशास्त्र और विकास नीति में माइक्रोमास्टर्स को भी शामिल किया। इस तरह उनका डेटा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग और आधारित अध्ययन से शुरू हो रहा है।
उन्होंने अपने हालिया राजनीतिक संदेश में इसी तरह के प्रशासनिक अनुभवों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक ग्रामीण महिला ने गांव में कक्षा 5 से आगे की पढ़ाई की सुविधा नहीं होने की समस्या उठाई थी। उनके मुताबिक, नियमों की जांच के बाद प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, लेकिन वर्षों बाद भी स्कूल का निर्माण नहीं हो पाया। इसी अनुभव को उन्होंने सरकारी जवाबदेही से जोड़कर बताया।
आईएएस से इस्तीफा देने से पहले दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में Special Secretary के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने अगस्त 2026 में आईएएस से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। सरकार ने सितंबर में उनका इस्तीफा स्वीकार किया। रिपोर्टों के अनुसार, 14 सितंबर को उनके इस्तीफे की स्वीकृति की जानकारी सामने आई थी।
इस तरह दिव्या मित्तल की प्रोफाइल में IIT दिल्ली की इंजीनियरिंग पढ़ाई, IIM बैंगलोर की मैनेजमेंट शिक्षा, लंदन का वित्तीय क्षेत्र, यूपीएससी की सफलता और 13 साल की आईएएस सेवा शामिल है। अब उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर से काम करने के बाद सार्वजनिक जीवन में एक अलग भूमिका चुनने की घोषणा की है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह अपने प्रशासनिक अनुभव को राजनीतिक और सार्वजनिक मंच पर किस तरह इस्तेमाल करती हैं।
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दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की वजह बताते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने देखा कि कई लोगों की समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक पहुंच ही नहीं पातीं और कई बार शिकायत पहुंचने के बाद भी उनका समाधान नहीं होता। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने लोगों के साथ सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं को उठाने की बात कही है। उनके एजेंडे में जवाबदेही, जन शिकायतें, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, शिक्षा, भर्ती परीक्षाएं और रोजगार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
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क्या दिव्या मित्तल किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होंगी?
दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक प्रवेश के ऐलान में कहा है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जाएंगी। उन्होंने लोगों से इस पहल में जुड़ने की अपील की है। हालांकि, अभी उन्होंने किसी खास विधानसभा सीट या चुनाव लड़ने को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में उनके संभावित चुनाव लड़ने को लेकर अटकलों का जिक्र है, लेकिन किसी खास सीट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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आईएएस से पहले कैसी थी दिव्या मित्तल की पढ़ाई?
दिव्य जादूगरों की यात्रा देश के दो प्रमुख अभिलेखों से की जा रही है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग फिजिक्स की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने आईआईएम बैंगलोर से एमबीए किया। कॉलेज प्रशासन जिले की आधिकारिक प्रोफाइल में उनके आईआईटी दिल्ली से बी.टेक और आईआईएम बैंगलोर से एमबीए करने की जानकारी दी गई है।उनकी पढ़ाई का सफर बाकी नहीं रहा। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने बाद में MITx से डेटा, अर्थशास्त्र और विकास नीति में माइक्रोमास्टर्स को भी शामिल किया। इस तरह उनका डेटा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग और आधारित अध्ययन से शुरू हो रहा है।
IIT दिल्ली के बाद लंदन क्यों गई थीं?
एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिव्या मिस्त्री ने विदेश में अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने लंदन और वित्तीय क्षेत्र में काम किया। संविधान प्रशासन जिले की प्रोफाइल के अनुसार, सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने लंदन में विदेशी डेरिवेटिव व्यापारी के रूप में काम किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 2007 में जेपी मॉर्गन में काम शुरू किया और करीब एक साल से ज्यादा समय तक फाइनेंशियल एरिया में काम किया।यूपीएससी का सफर कैसे शुरू हुआ?
लंदन में काम करने के बाद दिव्या मित्तल भारत लौटीं और संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने परीक्षा के एक प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयन हासिल किया। इसके बाद अगले प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल की और भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुईं। इसके बाद वह 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर आईएएस अधिकारी बनीं।आईएएस के 13 साल में किन पदों पर रहीं?
दिव्या मखमली ने उत्तर प्रदेश प्रशासन में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। उनके कार्यकाल में सहायक सचिव, नीति आयोग, संयुक्त प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण और बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ज्योती जिम्मेदारियां शामिल रहीं। उन्होंने कई सुपरमार्केट में भी रेलवे स्टेशन पर काम किया।
संविधान की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, वह स्मारक का स्मारक भी है। इससे पहले वह संत कबीर नगर में मेमोरियल के पद पर थे। उन्होंने गोंडा में मुख्य विकास अधिकारी और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर एसडीएम के पद पर भी काम किया।
मिर्जापुर में किस काम को लेकर चर्चा में रहीं?
मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए दिव्या मित्तल ने ग्रामीण पेयजल से जुड़े काम पर ध्यान दिया। विशेष रूप से लहुरिया दह गांव में पाइप से पानी पहुंचाने की योजना पर काम हुआ। यह गांव पानी की उपलब्धता को लेकर लंबे समय से चुनौती का सामना कर रहा था। उनके प्रशासनिक कार्यकाल से जुड़ी रिपोर्टों में इस परियोजना का उल्लेख मिलता है।उन्होंने अपने हालिया राजनीतिक संदेश में इसी तरह के प्रशासनिक अनुभवों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक ग्रामीण महिला ने गांव में कक्षा 5 से आगे की पढ़ाई की सुविधा नहीं होने की समस्या उठाई थी। उनके मुताबिक, नियमों की जांच के बाद प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, लेकिन वर्षों बाद भी स्कूल का निर्माण नहीं हो पाया। इसी अनुभव को उन्होंने सरकारी जवाबदेही से जोड़कर बताया।
आईएएस करियर के आखिरी दौर में कौन सी जिम्मेदारी थी?
आईएएस से इस्तीफा देने से पहले दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में Special Secretary के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने अगस्त 2026 में आईएएस से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। सरकार ने सितंबर में उनका इस्तीफा स्वीकार किया। रिपोर्टों के अनुसार, 14 सितंबर को उनके इस्तीफे की स्वीकृति की जानकारी सामने आई थी।
शिक्षा और रोजगार को लेकर पहले क्या कह चुकी हैं?
राजनीति में आने से कुछ महीने पहले दिव्या मित्तल ने अपने शिक्षा और व्यक्तिगत अनुभवों को लेकर भी सार्वजनिक रूप से लिखा था। मई 2026 में उन्होंने IIT दिल्ली से IIM बैंगलोर और फिर आईएएस तक के अपने सफर पर विचार साझा किए थे। उन्होंने शिक्षा से परीक्षा और पेशेवर जिम्मेदारियों के लिए मिली तैयारी का जिक्र किया, लेकिन यह भी कहा कि शिक्षा ने उन्हें अकेलेपन और भावनात्मक चुनौतियों से निपटना नहीं सिखाया। इससे शिक्षा में लाइफ स्किल्स और भावनात्मक पहलुओं को लेकर चर्चा हुई।अब राजनीति में दिव्या मित्तल की भूमिका क्या होगी?
आईएएस के करीब 13 साल के करियर के बाद दिव्या मित्तल का अगला कदम राजनीति है। उन्होंने फिलहाल अपनी राजनीति को किसी राजनीतिक दल से अलग रखने की बात कही है और उत्तर प्रदेश को इसका शुरुआती केंद्र बताया है। उन्होंने जनता की समस्याओं, सरकारी जवाबदेही, शिक्षा, ग्रामीण विकास, भर्ती परीक्षाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को अपने सार्वजनिक संवाद का हिस्सा बनाया है।इस तरह दिव्या मित्तल की प्रोफाइल में IIT दिल्ली की इंजीनियरिंग पढ़ाई, IIM बैंगलोर की मैनेजमेंट शिक्षा, लंदन का वित्तीय क्षेत्र, यूपीएससी की सफलता और 13 साल की आईएएस सेवा शामिल है। अब उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर से काम करने के बाद सार्वजनिक जीवन में एक अलग भूमिका चुनने की घोषणा की है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह अपने प्रशासनिक अनुभव को राजनीतिक और सार्वजनिक मंच पर किस तरह इस्तेमाल करती हैं।
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