Delhi University: दाखिले से जुड़े सवालों का जवाब वेबिनार से देगा डीयू, PhD दाखिलों में लगा अनियमितता का आरोप
Delhi University: वेबिनार में सीयूईटी यूजी व डीयू की दाखिला संबंधी नीतियों के संबंध में जानकारी दी जाएगी। डीयू दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी ने बताया कि एनटीए की ओर से सीयूईटी यूजी के लिए जारी पंजीकरण की अंतिम तिथि 22 मार्च है।
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Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में भी स्नातक कोर्स के दाखिले कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी यूजी-2025) से ही होने हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से इस बार सीयूईटी यूजी आवेदन के लिए कुछ बदलाव किए हैं, वहीं डीयू की ओर से भी भाषाओं को लेकर कुछ बदलाव किए गए हैं। ऐसे में डीयू वेबिनार के माध्यम से दाखिले, योग्यता, सीटों, फीस व अन्य सवालों के जवाब देगा। डीयू इसके लिए इसी सप्ताह वेबिनार आयोजित करने जा रहा है।
वेबिनार में सीयूईटी यूजी व डीयू की दाखिला संबंधी नीतियों के संबंध में जानकारी दी जाएगी। डीयू दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी ने बताया कि एनटीए की ओर से सीयूईटी यूजी के लिए जारी पंजीकरण की अंतिम तिथि 22 मार्च है। इस तिथि से पहले वेबिनार आयोजित करेंगे, जिससे कि छात्र सही से सीयूईटी यूजी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
दिल्ली सरकार के 28 कॉलेजों में प्रबंध समिति बनाने की मांग
दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध दिल्ली सरकार के कॉलेजों में प्रबंध समिति नहीं है। ऐसे में डीयू के शिक्षक संगठन फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व शिक्षा मंत्री आशीष सूद को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने दिल्ली सरकार से वित्त पोषित 28 कॉलेजों की प्रबंध समिति बनाने के कुलसचिव को नाम भेजने की मांग की है। जिससे प्रबंध समिति बनने के बाद यहां पर शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया को शुरू किया जा सके। फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस के चेयरमैन डॉ हंसराज सुमन के अनुसार इन कॉलेजों में लगभग 600 शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की जानी है। दिल्ली सरकार अपने चार कॉलेज अदिति महाविद्यालय, भास्काराचार्य कॉलेज, दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज व आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज में शिक्षकों के पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी कर चुकी है। बाकी कॉलेजों ने अभी तक अपना रोस्टर पास नहीं कराया है।
डूसू अध्यक्ष ने पीएचडी दाखिलों में अनियमितता का लगाया आरोप
डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय में पीएचडी दाखिलों को लेकर अनियमितता के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि पीएचडी दाखिले में साक्षात्कार के अंकों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे योग्य छात्रों को दाखिला नहीं मिल रहा है। उन्होंने पीएचडी लिखित परीक्षा और साक्षत्कार के अंकों के साथ चयनित छात्रों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की है।
रौनक खत्री ने सोमवार की शाम प्रेसवार्ता कर कहा कि पीएचडी दाखिला प्रक्रिया में यूजीसी के नियमों की अनदेखी हो रही है। पीएचडी में दाखिले के लिए नेट अनिवार्य है। दाखिला नेट परीक्षा के 70 फीसदी अंकों और साक्षात्कार के 30 अंको के आधार पर मिलता है। लेकिन दाखिले में साक्षात्कार को प्राथमिकता दी जा रही है। सिर्फ अंग्रेजी विभाग ने मेरिट के साथ छात्रों के अंक जारी किए हैं। जबकि दूसरे विभागों ने ऐसा नहीं किया है। इस कारण छात्रों को चयनित नहीं होने के कारणों का पता नहीं चल पा रहा। इस् अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्रालय से समिति गठित कर मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं, दाखिला शाखा ने इन आरोपों को खारिज किया है। शाखा के अधिकारी के अनुसार कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली है।
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