DU COL: सीओएल में अब हर छात्र का होगा अपना होम पेज, एक क्लिक पर लेक्चर मूल्यांकन और प्रगति रिपोर्ट
दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (COL) में पढ़ाई पूरी तरह से हाईटेक होने जा रही है। सीओएल का लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और एप अगस्त-सितंबर से शुरू होने जा रहा है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (COL) में पढ़ाई पूरी तरह से हाईटेक होने जा रही है। सीओएल का लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और एप अगस्त-सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इस पर छात्रों के लिए ऑनलाइन लेक्चर, असेसमेंट, क्विज, शिक्षकों से बातचीत करना, प्रगति रिपोर्ट एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इस सिस्टम में प्रत्येक छात्र का एक होम पेज तैयार हो जाएगा। इस सिस्टम में एआई (आर्टिफिशल इंटेलीजेंस) की मदद भी ली गई है। एआई छात्रों को समय-समय पर गाइड करता रहेगा।
डीयू के एसओएल ने पढ़ाई के स्वरूप को बदलने के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम की योजना तैयार की थी। अब आगामी अगस्त-सितंबर से इसे पहले साल में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए लागू किया जा रहा है। कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक डॉ पायल मागो ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 के तहत हो रहे सभी दाखिलों को एलएमएस (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) व एप पर ले जाएंगे। इस पर छात्र के रोल नंबर से उसका अपना एक होम पेज तैयार हो जाएगा। जहां पर वह लिखित सामग्री, ऑडियो-वीडियो बुक, क्विज, आंतरिक मूल्यांकन व सतत मूल्यांकन को एक क्लिक पर कर पाएगा। पढ़ाई में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रचलन काफी बढ़ गया है।
हर किसी के पास कंप्यूटर, इंटरनेट की उपलब्धता है। ऐसे में पढ़ाई को छात्र के कंप्यूटर पर लाना जरूरी है। अभी ऑनलाइन लेक्चर, एडमिशन, वीडियो लेक्चर, की सुविधा दी जाती है। लेकिन अब बहुत सारी सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। छात्र ऑनलाइन आएगा उसे अपने कोर्स के मुताबिक पाठ्य सामग्री मिल जाएगी।
छात्र चैटिंग की सुविधा से शिक्षक से जुड़ सकेगा। छात्र को क्या और कितना पढना है, इसका मेल व मैसेज भी इस सिस्टम से उसके पास चला जाएगा। इस कारण छात्र यह शिकायत नहीं कर पाएगा कि उसे जानकारी नहीं मिली। छात्र क्विज भी ऑनलाइन करते रहेंगे।
घर बैठे हो जाएगा ऑनलाइन असेसमेंट
प्रोफेसर मागो ने कहा कि इस सिस्टम के आने से ऑनलाइन सतत मूल्यांकन होता रहेगा। छात्र अपनी प्रगति रिपोर्ट भी देख सकेंगे। उस पता चलेगा कि वह कितने छात्रों से कितना आगे है। इससे उसे आगे बढऩे के लिए प्रेरणा मिलती रहेगी। वहीं, परीक्षाओं के दौरान होने वाला आंतरिक मूल्यांकन भी इसकी मदद से ही होगा।
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