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Delhi: दिल्ली के स्कूल ने रखे बाउंसर; सीएम रेखा ने दी प्रतिक्रिया, कहा- 'बच्चे दया के पात्र, दबाव के नहीं'

Sat, 07 Jun 2025 12:21 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sat, 07 Jun 2025 12:21 PM IST
सार

Delhi Schools: दिल्ली के स्कूल ने फीस विवाद पर अपने परिसर में छात्रों के प्रवेश को रोकने के लिए बाउंसर रखे हैं। इसपर राजधानी की मुखिया रेखा गुप्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बच्चे दया के पात्र हैं, दबाव के नहीं। पढ़ें पूरा मामला...
 

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Delhi schools hiring bouncers, CM Rekha Gupta said "Children deserve compassion, not coercion"
CM Rekha Gupta - फोटो : पीटीआई

विस्तार

Delhi Schools: अभिभावकों और छात्रों को डराने के लिए स्कूलों द्वारा बाउंसरों की नियुक्ति की रिपोर्टों के बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि बच्चे दबाव के नहीं, बल्कि सहानुभूति के हकदार हैं।

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उन्होंने कहा, "स्कूलों द्वारा अभिभावकों और छात्रों को डराने के लिए बाउंसरों को नियुक्त करने की चिंताजनक रिपोर्टें मिली हैं। शिक्षा एक अधिकार है, व्यवसाय नहीं। हमारे बच्चे दया के पात्र हैं, दबाव के नहीं। स्कूलों को सीखने, मूल्यों और राष्ट्र निर्माण का स्थान बने रहना चाहिए।"

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फीस बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए विधेयक लाने की घोषणा

दिल्ली सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 को लागू करने के लिए अध्यादेश लाएगी।

एक्स पर मुख्यमंत्री की पोस्ट दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली पब्लिक स्कूल, द्वारका को फीस विवाद पर अपने परिसर में छात्रों के प्रवेश को रोकने के लिए "बाउंसर" का उपयोग करने के लिए बुलाए जाने के एक दिन बाद आई है।

न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा कि शिक्षण संस्थान में इस तरह की प्रथा का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्तीय चूक के कारण किसी छात्र को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना और डराना न केवल मानसिक उत्पीड़न है, बल्कि इससे बच्चे के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचती है।

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