Delhi School: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बढ़ेगा हुनर का दायरा, 257 नए संस्थानों में लागू होंगे कौशल विषय
DDE: दिल्ली सरकार ने शिक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब 257 और सरकारी स्कूलों में चालू सत्र से व्यावसायिक व कौशल आधारित विषय पढ़ाए जाएंगे।
विस्तार
23 मई को जारी एक परिपत्र के अनुसार, समग्र शिक्षा योजना के तहत शुरू किए गए इन विषयों का उद्देश्य छात्रों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान और नौकरी के लिए तैयार कौशल प्रदान करना है। परिपत्र में कहा गया है कि कक्षा 9 और 11 के छात्र अब विभिन्न कौशल विषयों में दाखिला ले सकते हैं, प्रत्येक स्कूल को प्रत्येक विषय में 50 छात्रों को दाखिला देने की उम्मीद है।
छात्रों के लिए कक्षा 11 में नए व्यावसायिक विषय चुनने की छूट
इसमें कहा गया है कि स्कूलों को इन व्यावसायिक विषयों के माध्यम से उपलब्ध संभावनाओं और कैरियर के अवसरों को समझने में छात्रों की मदद करने के लिए परामर्श सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।
कक्षा 11 में नए नामांकन की भी अनुमति है, भले ही छात्रों ने कक्षा 9 या 10 में पहले इस विषय का अध्ययन न किया हो।
सर्कुलर में कहा गया है, "यह कौशल शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए एक लचीली, बहु-प्रवेश और बहु-निकास नीति का हिस्सा है।" इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी छात्रों के लिए कौशल विषय प्रदान करना अनिवार्य नहीं है।
स्कूलों को बिना अतिरिक्त स्वीकृति के शुरू करने होंगे कौशल विषय
इसमें कहा गया है, "स्कूल विकल्प दे सकते हैं, लेकिन हर छात्र के लिए कौशल विषय लेना अनिवार्य नहीं है।"
सीबीएसई दिशानिर्देशों के अनुसार, स्कूलों को इन अतिरिक्त कौशल विषयों को शुरू करने के लिए अलग से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें सीबीएसई पोर्टल पर प्रासंगिक विवरण अपडेट करने की आवश्यकता है, सर्कुलर में आगे कहा गया है।
राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (NSQF) विषयों में सूचना प्रौद्योगिकी, खुदरा, स्वास्थ्य सेवा और सौंदर्य और कल्याण जैसे व्यावहारिक पाठ्यक्रम शामिल हैं, जिन्हें छात्रों की रोजगार क्षमता और कैरियर की तैयारी बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।
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