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खुशखबर! अब सात साल नहीं, बल्कि आजीवन मान्य होगा CTET प्रमाणपत्र
Wed, 21 Oct 2020 02:58 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Wed, 21 Oct 2020 02:58 PM IST
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शिक्षक बनने के इच्छुक नौजवानों के लिए खुशखबरी है। अब केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) सात साल के लिए नहीं, बल्कि आजीवन मान्य होगी। अभ्यर्थियों को बस एक बार सीटीईटी की परीक्षा पास करनी होगी। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने सीटीईटी की वैधता को बढ़ाकर आजीवन कर दिया है।
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एनसीटीई के चैयरमैन विनीत जोशी का कहना है कि टीईटी को अब जीवन भर के लिए मान्य कर दिया गया है। यह निर्णय हाल ही में काउंसिल की बैठक में लिया गया। यह व्यवस्था अब से सीटीईटी की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों पर लागू होगी। जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही यह परीक्षा पास कर ली है, उनके लिए नई व्यवस्था क्या होगी इस बारे में कानूनी सलाह के बाद फैसला लिया जाएगा।
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अभी तक केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता सात साल के लिए होती थी। अगर एक बार सीटीईटी की परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थी सात साल तक शिक्षक नियुक्त नहीं होता था, तो उसे फिर से यह परीक्षा पास करनी पड़ती थी। लेकिन, अब नेट की तरह ही सीटीईटी की व्यवस्था भी लागू होगी।
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सीटीईटी की परीक्षा का आयोजन सीबीएसई कराती है। यह परीक्षा साल में दो बार होती है। पहले पेपर में सफल होने वाले उम्मीदवारों को सरकारी स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक पढ़ाने की योग्यता मिलती है। जबकि, दूसरे पेपर में सफल अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8वीं तक के विद्यालयों में पढ़ा सकते हैं।
अभी तक केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता सात साल के लिए होती थी। अगर एक बार सीटीईटी की परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थी सात साल तक शिक्षक नियुक्त नहीं होता था, तो उसे फिर से यह परीक्षा पास करनी पड़ती थी। लेकिन, अब नेट की तरह ही सीटीईटी की व्यवस्था भी लागू होगी।
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सीटीईटी की परीक्षा का आयोजन सीबीएसई कराती है। यह परीक्षा साल में दो बार होती है। पहले पेपर में सफल होने वाले उम्मीदवारों को सरकारी स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक पढ़ाने की योग्यता मिलती है। जबकि, दूसरे पेपर में सफल अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8वीं तक के विद्यालयों में पढ़ा सकते हैं।
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