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CPR: तकनीकी कॉलेजों के छात्रों के लिए सीपीआर ट्रेनिंग अनिवार्य, राहत कर्मियों का तैयार होगा डिजिटल समुदाय

Tue, 18 Apr 2023 05:28 AM IST
वीरेंद्र शर्मा सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Tue, 18 Apr 2023 05:28 AM IST
सार

एआईसीटीई के चेयरमैन अध्यक्ष प्रोफेसर  टीजी. सीताराम ने बताया कि आम जनता के बीच जीवन रक्षक कौशल और प्रशिक्षण की कमी भारत में मृत्युदर के अधिक होने का सबसे मुख्य कारण है। इसलिए युवाओं को जीवन रक्षक कौशल और प्रशिक्षण  देना होगा।

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CPR training mandatory for students and teachers of management pharmacy architecture colleges in the country
सीपीआर - फोटो : istock

विस्तार

देश के सभी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी और आर्किटेक्चर कॉलेजों के छात्रों और शिक्षकों के लिए अब सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की ट्रेनिंग अनिवार्य होगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) आयुष्मान भारत के तहत देश के सभी तकनीकी कॉलेजों में सीपीआर ट्रेनिंग के लिए राहत कर्मियों का एक डिजिटल समुदाय तैयार करेगी। इसमें हेका हेल्दी यू सहयोग करेगी।
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एआईसीटीई के चेयरमैन अध्यक्ष प्रोफेसर  टीजी. सीताराम ने बताया कि आम जनता के बीच जीवन रक्षक कौशल और प्रशिक्षण की कमी भारत में मृत्युदर के अधिक होने का सबसे मुख्य कारण है। इसलिए युवाओं को जीवन रक्षक कौशल और प्रशिक्षण  देना होगा। कॉलेजों के माध्यम से हम एक ऐसे समुदाय के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी ला सकते हैं, जो अगले कुछ दशकों तक इस दिशा में उत्कृष्ट बदलाव लाएगा। उन समुदायों को जीवन रक्षक तकनीकों के साथ प्रशिक्षित करके, हम जीवित रहने की दर में सुधार कर सकते हैं।
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यह पहल  प्रधानमंत्री के ‘आयुष्मान भारत’ योजना के अनुरूप है, जोकि लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। कोरोना के बाद युवाओं के बीच अचानक हृदयाघात की बढ़ती घटनाओं के बीच इस पहल की शुरुआत की जा रही है। तकनीकी कॉलेजों में बेसिक लाइफ सपोर्ट के कई अन्य सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षित लोग किसी रोगी को त्वरित राहत देने में मदद करेंगे और एंबुलेंस आने तक सीपीआर सहित उचित देखभाल भी करेंगे।
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वहीं, एआईसीटीई के सहयोगी हेका हेल्दी यू के निदेशक करुण काड ने बताया कि हमारी टीम पूरे भारत में छात्रों और शिक्षकों को जोड़ेगी और प्रशिक्षित करेगी। यह टीम  किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आत्मविश्वास और संयमित रहने के लिए ज्ञान और कौशल प्रदान करेगी। इससे मानव जीवन को बचाने में सहायता मिलेगी।


क्या होता है सीपीआर
सीपीआर का मतलब है कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन। यह भी एक तरह की प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट एड है। जब किसी पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत हो या फिर वो सांस न ले पा रहा हो और बेहोश जो जाए तो सीपीआर से उसकी जान बचाई जा सकती है।  बिजली का झटका लगने पर, पानी में डूबने पर और दम घुटने पर सीपीआर से पीड़ित को आराम पहुंचाया जा सकता है। हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा पड़ने पर तो सबसे पहले और समय पर सीपीआर दे दिया जाये तो पीड़ित की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
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